पेयजल कनेक्शन से हर साल 1.36 लाख बच्चों की बचाई जा सकती है जान: शोधपत्र

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नई दिल्ली। नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल क्रेमे के सह-लेखन वाले एक शोधपत्र में कहा गया है कि यदि ग्रामीण भारत को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल नल कनेक्शन मुहैया कराने के लक्ष्य वाला जलजीवन मिशन सफल हो जाता है तो हर साल पांच साल से कम उम्र के करीब 1.36 लाख बच्चों की जान बचाई जा …

नई दिल्ली। नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल क्रेमे के सह-लेखन वाले एक शोधपत्र में कहा गया है कि यदि ग्रामीण भारत को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल नल कनेक्शन मुहैया कराने के लक्ष्य वाला जलजीवन मिशन सफल हो जाता है तो हर साल पांच साल से कम उम्र के करीब 1.36 लाख बच्चों की जान बचाई जा सकती है।

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जलजीवन मिशन के तहत 2024 तक ग्रामीण भारत में नल कनेक्शन के जरिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। शिकागो विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित शोधपत्र में कहा गया है कि हालांकि, जलजीवन मिशन के माध्यम से दिया जाने वाला पानी सूक्ष्म जीव प्रदूषण से मुक्त होना चाहिए।

क्रेमर द्वारा किया गया विश्लेषण बताता है कि बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए जलशोधन सर्वाधिक किफायती प्रभावी तरीकों में से एक है। शोधपत्र में कहा गया है कि यदि ग्रामीण भारत को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल नल कनेक्शन मुहैया कराने के लक्ष्य वाला जलजीवन मिशन सफल होता है तो हर साल पांच साल से कम उम्र के करीब 1.36 लाख बच्चों की मौत को रोका जा सकता है।

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