बांदा के पड़मई गांव में फैला डायरिया, सीएमओ ने यह बड़ा दावा
बांदा, अमृत विचार। नरैनी के पड़मई गांव में फैले डायरिया के रोगियों का दूसरे दिन भी इलाज किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ दूसरे दिन मुख्य चिकित्साधिकारी गांव पहुंचे। गांव में संक्रमण के नियंत्रण का दावा किया है। पड़मई गांव में अचानक यहां के रामजानकी मंदिर मुहल्ला में रहने वाले दो दर्जन से …
बांदा, अमृत विचार। नरैनी के पड़मई गांव में फैले डायरिया के रोगियों का दूसरे दिन भी इलाज किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ दूसरे दिन मुख्य चिकित्साधिकारी गांव पहुंचे। गांव में संक्रमण के नियंत्रण का दावा किया है। पड़मई गांव में अचानक यहां के रामजानकी मंदिर मुहल्ला में रहने वाले दो दर्जन से अधिक बच्चे डायरिया रोग से संक्रमित हो गए थे।
सरकारी अस्पताल पहुंचे 8 बच्चों में दो साल की एक लड़की को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। तमाम बच्चों के स्वजनों ने प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज कराया था। स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए बुधवार को गांव पहुंचकर पूरे मुहल्ले में दवाएं बांटी थी। गुरुतिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अनिल कुमार श्रीवास्तव गांव पहुंचे। डायरिया से संक्रमित बच्चों के स्वजनों से बातकर स्थिति की जानकारी ली साथ ही सीएचसी के चिकित्साधिकारियों को गांव में नजर रखने का निर्देश दिया।
चिकित्साधीक्षक डॉ.जीवन प्रकाश ने बताया कि दूसरे दिन गांव में डायरिया के 17 रोगी पाए गए हैं। इनमें दो रोगियों को ग्लूकोज की ड्रिप दी गई है। कहा कि ज्यादातर रोगी ठीक हैं। दवा दी गई है। गांव में रोग के नियंत्रण का दावा किया है। इस दौरान डॉ.अजय कुमार, डीपीएम कुशल यादव, डॉ ज्योत्स्ना, डॉ.सुधा, नेत्र परीक्षण अधिकारी पंकज नामदेव, रामकिशोर वर्मा आदि साथ रहे।
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