हल्द्वानी: नमस्कार मैं ट्रेजरी से बोल रहा हूं…और पेंशनधारक के खाते से उड़ गए हजारों
हल्द्वानी, अमृत विचार। नमस्कार मैं ट्रेजरी से बोल रहा हूं…अब फोन पर ही जीवन प्रमाणन हो रहा है। अपना पीपीओ नंबर, आधार नंबर और बैंक खाता संख्या बताइए। यदि आपके पास इस तरह का कोई भी फोन कॉल आती है तो सावधान। कॉल करने वाला कोई कोषागार अधिकारी नहीं वरन साइबर ठग है। जो नए-नए …
हल्द्वानी, अमृत विचार। नमस्कार मैं ट्रेजरी से बोल रहा हूं…अब फोन पर ही जीवन प्रमाणन हो रहा है। अपना पीपीओ नंबर, आधार नंबर और बैंक खाता संख्या बताइए। यदि आपके पास इस तरह का कोई भी फोन कॉल आती है तो सावधान। कॉल करने वाला कोई कोषागार अधिकारी नहीं वरन साइबर ठग है। जो नए-नए तरीकों से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
कोषागार अधिकारियों के अनुसार, देहरादून में ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें साइबर ठगों ने कोषागार अधिकारी बनकर पेंशनधारक को फोन पर ही जीवन प्रमाणन का झांसा दिया। फिर पेंशनर्स से उनका पीपीओ नंबर, आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर मांगा और प्रमाणन के नाम पर ओटीपी हासिल कर लिया।
फिर पेंशनर्स के खातों से हजारों की ठगी कर दी। जब यह मामला सामने आया तो कोषागार अधिकारी सतर्क हो गए। उन्होंने सभी पेंशनधारकों से अपील की है कि वे फोन पर किसी भी व्यक्ति से बैंक व वित्तीय संबंधी सूचनाएं साझा नहीं करने की अपील की है। स्पष्ट किया है कि कोषागार अधिकारी किसी भी पेंशन धारक से जीवन प्रमाणन के लिए फोन कॉल नहीं करते हैं। जीवन प्रमाणन डाक विभाग के जरिए, ऑन लाइन और ऑफिस पहुंचकर रही होता है इसलिए किसी भी किस्म के झांसे में नहीं आने की अपील की है।
कोषागार अधिकारी बनकर पेंशनर्स से जीवन प्रमाणन के नाम पर ठगी की जा रही है। कोषागार कभी भी फोन पर जीवन प्रमाणन नहीं कराता है इसलिए पेंशनर्स से अपील है कि बैंक खाता, आधार कार्ड व पीपीओ नंबर किसी के साथ भी साझा नहीं करें। यदि कोई ऐसी कॉल आए तो तत्काल कोषागार को सूचना दें।
= हेम कांडपाल, कोषागार अधिकारी, हल्द्वानी
