हल्द्वानी: नि-क्षय मित्र बनाने में यूएस नगर अव्वल, नैनीताल दूसरे नंबर पर

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लक्ष्मण मेहरा, हल्द्वानी। टीबी उन्मूलन को लेकर चलाया जा रहा अभियान रोगियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। रोगियों की देखभाल करने के लिए लोग आगे आकर नि-क्षय मित्र बन रहे हैं। राज्य में नि-क्षय मित्र बनाने में जनपद उधमसिंह नगर सबसे आगे चल रहा है। जबकि नैनीताल जिला दूसरे स्थान पर है। उत्तराखंड …

लक्ष्मण मेहरा, हल्द्वानी। टीबी उन्मूलन को लेकर चलाया जा रहा अभियान रोगियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। रोगियों की देखभाल करने के लिए लोग आगे आकर नि-क्षय मित्र बन रहे हैं। राज्य में नि-क्षय मित्र बनाने में जनपद उधमसिंह नगर सबसे आगे चल रहा है। जबकि नैनीताल जिला दूसरे स्थान पर है। उत्तराखंड में अब तक 3607 लोग नि-क्षय मित्र के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, जो जल्द ही 12598 रोगियों को गोद लेंगे।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पोषण संबंधी सहायता, जीवन यापन जैसे सामाजिक निर्धारकों में सहयोग के लिए बहु-क्षेत्रीय भागीदारी पर लोगों का ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके तहत 9 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा देश में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया गया।

उत्तराखंड में इस अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा किया गया। अभियान के तहत टीबी रोगियों की विशेष व्यक्ति, निर्वाचित प्रतिनिधि व संस्थानों के संरक्षण में देखभाल की जायेगी। राज्य में वर्तमान में 14690 टीबी रोगी हैं, जिनमें से 12598 रोगियों ने नि-क्षय मित्र के लिए अनुमति दी है। नि-क्षय मित्रों के लिए रोगियों को सहयोग की अवधि 6 माह, एक वर्ष, दो वर्ष तथा तीन वर्ष रखी गई है।

‘आम से खास’ आ रहे आगे, हर माह देंगे फूड बॉस्केट
टीबी रोगियों की देखभाल के लिए ‘आम से खास’ नि-क्षय बनने के लिए आगे आ रहे हैं। इसके लिए वह हर माह रोगियों को फूड बॉस्केट उपलब्ध कराएंगे। जिसमें लगभग 1000 रुपये तक खर्च होने की संभावना है। इस फूड बॉस्केट में प्रत्येक रोगी को तीन किलो चावल, 1.5 किलोग्राम दाल, 250 ग्राम वनस्पति तेल, दूध पाउडर या छह लीटर दूध, तीस अंडे मिलेंगे। वहीं बच्चों को फूड बॉस्केट में 2 किलो अनाज या बाजरा, एक किलो दाल, 150 ग्राम वनस्पति तेल, 750 ग्राम दूध पाउडर या 3.5 लीटर दूध, 0.7 किलो मूंगफली दी जायेगी।

नि-क्षय मित्र बनने के लिए ऐसे करें पंजीकरण
-कम्यूनिटीसपोर्ट डॉट नि-क्षय डॉट इन पर लॉगिन करें।
– प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान पर क्लिक करें।
– नि-क्षय मित्र रजिस्ट्रेशन फार्म पर रजिस्ट्रेशन करें।
– अपनी सुविधानुसार नि-क्षय सहायता के लिए रोगियों का चयन करें।
– टीबी रोगियों को मासिक पोषण किट देकर और जांच व रोजगार से जुड़ी मदद करके अपना योगदान दें।

जिलेवार मरीजों व नि-क्षय मित्रों का विवरण
जनपद मरीज       नि-क्षय मित्र
अल्मोड़ा 411          340
बागेश्वर 219             64
चमोली 395           150
चंपावत 190            84
देहरादून 2750      283
पौड़ी गढ़वाल 589 323
हरिद्वार 3627      362
नैनीताल 2371   1904
पिथौरागढ़ 379   213
रुद्रप्रयाग 242     63
टिहरी गढ़वाल 460 254
उधमसिंह नगर 2590  852
उत्तरकाशी 467         404
स्रोत : जिला क्षय रोग निवारण केंद्र हल्द्वानी

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