हल्द्वानी: मिठाई की गुणवत्ता पर अपनी ही मुहिम भूला विभाग
भूपेश कन्नौजिया, अमृत विचार। तीज- त्योहारों में मावा, मिठाई के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों की डिमांड काफी बढ़ जाती है। ऐसे में इनमें मिलावट और घटिया प्रोडक्ट की संभावना भी काफी अधिक रहती है। इससे निपटने के लिए इन दिनों विभाग सतर्कता भी बरत रहा है और लगातार सैंपलिंग कर रहा है। लेकिन दूसरी …
भूपेश कन्नौजिया, अमृत विचार। तीज- त्योहारों में मावा, मिठाई के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों की डिमांड काफी बढ़ जाती है। ऐसे में इनमें मिलावट और घटिया प्रोडक्ट की संभावना भी काफी अधिक रहती है। इससे निपटने के लिए इन दिनों विभाग सतर्कता भी बरत रहा है और लगातार सैंपलिंग कर रहा है। लेकिन दूसरी तरफ विभाग अपनी उस मुहिम को भूल गया है जो दो साल पहले उसने शुरू की थी। इस मुहिम के तहत विभाग ने मिठाई दुकानदारों को मिठाई के निर्माण व एक्सपायरी की तिथि दुकान तथा प्रोडक्ट के ट्रे में चस्पा करने को कहा था।
हालत यह है कि बाजार में बेधड़क दुकानदार बिना कोई ऐसी सूचना चस्पा किए अपनी मिठाई बेच रहे हैं। बता दें कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप न होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। घटिया क्वालिटी और डुप्लीकेट कंपनी के रैपर लगे खाद्य पदार्थों का कुमाऊं के बाजारों में पाया जाना आम हो चला है।
यूपी की तमाम छोटी कंपनियों के घटिया प्रोडक्टों से बाजार भरा पड़ा है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आंकडे़ भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। जिला अभिहित अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष जनवरी माह से लेकर अब तक 195 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए जिनमें 173 की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें 43 सैंपल अधोमानक, 5 मिथ्या छाप यानी रैपर में गलत सूचना अंकित से संबंधित हैं। दो प्रोडक्ट असुरक्षित पाए गए हैं जो कि घी कंपनी से संबंधित हैं। वहीं इस वर्ष अब तक विभाग की ओर से 62 वाद दायर किए जा चुके हैं।
