रायबरेली: गंगा ने धारण किया विकराल रूप, निचले भागों में मंडराने लगा बाढ़ का खतरा
अमृत विचार, रायबरेली। पहाड़ी और मैदानी भाग में विगत दिनों हुई भारी बारिश का असर गंगा नदी में अब सामने आया है। बीते 24 घंटों में गंगा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जिससे निचले भागों में बाद का खतरा मंडराने लगा है। गंगा नदी में लगातार हो रही वृद्धि से अब गंगा का …
अमृत विचार, रायबरेली। पहाड़ी और मैदानी भाग में विगत दिनों हुई भारी बारिश का असर गंगा नदी में अब सामने आया है। बीते 24 घंटों में गंगा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जिससे निचले भागों में बाद का खतरा मंडराने लगा है। गंगा नदी में लगातार हो रही वृद्धि से अब गंगा का पानी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के गांवो में दस्तक देने लगा है। जिससे लोगो पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
कानपुर से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद लगातार गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार की शाम गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान के ऊपर बह रही थी। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर तक गंगा नदी का जलस्तर 98.360 सेंटीमीटर था।
वहीं लगातार बढ़ रहे पानी के प्रभाव के कारण शाम गंगा नदी का जलस्तर 98.390 सेंटीमीटर पहुंचकर चेतावनी बिंदु के भी ऊपर पहुंच गया। गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखकर एसडीएम आशाराम वर्मा ने निरीक्षण कर लोगों को आगाह किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गंगा कटरी क्षेत्र में खेती कर रहे किसान न जाएं। उन्होंने स्थानीय लेखपाल को नजर बनाये रखने के निर्देश दिये हैं।
बाढ़ से निपटने के लिये प्रशासन तैयार
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद जहां चारो ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है वही घाटों पर रखे पंडो के तख्त भी पानी में डूब गये है। प्रशासन किसी की पानी की तरफ जाने की इजाजत नही दे रहा है। वही किसी भी स्थित से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कमर कस ली है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नाव, नाविक व गोताखोरों की व्यवस्था करा दी गई है, गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने से चकभीटी, अमहा, जहांगीराबाद, कटरी सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में है।
चेतावनी बिंदु के पार पहुंचते ही, बढ़ा बाढ़ का खतरा
गंगा के बढ़ते पानी के कारण खतरे के निशान को छू रही है। ऐसे में गंगा का पानी अब गांवो की ओर रुख कर रहा है जिसकी वजह से लोगो पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वही पहले आई बाढ़ से अभी लोग ठीक से व्यवस्थित भी नही पा पाए थे कि बाढ़ का पानी फिर घरों तक पहुंचने लगा है और लोगो को पुरानी बाढ़ की याद आने लगी है।
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