सीबीआई, ईडी को लेकर भाजपा को मोदी से ‘लाई डिटेक्टर’ जांच कराने को कहना चाहिए: आप

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘लाई डिटेक्टर’ (झूठ पकड़ने वाला) जांच कराने को बोलना चाहिए और यह कहना चाहिए कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तटस्थ एजेंसियां हैं और उनका उनकी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। …

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘लाई डिटेक्टर’ (झूठ पकड़ने वाला) जांच कराने को बोलना चाहिए और यह कहना चाहिए कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तटस्थ एजेंसियां हैं और उनका उनकी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। ‘आप’ की प्रतिक्रिया भाजपा नेता कपिल मिश्रा के बयान पर आई है।

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मिश्रा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को उनके इस दावे पर ’लाई डिटेक्टर’ जांच कराने की चुनौती दी थी कि सीबीआई ने उन पर ‘आप’ छोड़ भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की थी। भाजपा नेता ने यह भी कहा था कि सिसोदिया का आरोप दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाले की एजेंसी की जांच को प्रभावित करने का बेशर्म प्रयास है।

‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस वार्ता में कहा, भाजपा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘लाई डिटेक्टर’ और नार्को-एनालिसिस परीक्षण कराने को बोलना चाहिए और यह कहना चाहिए कि सीबीआई और ईडी स्वायत्त और तटस्थ एजेंसियां हैं और उनका भाजपा और केंद्र से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की स्वायत्तता और स्वतंत्रता देश में सबसे बड़ा झूठ है और मांग की कि प्रधानमंत्री 90 वीं इंटरपोल महासभा में अपने संबोधन के दौरान सीबीआई और ईडी के बारे में सच्चाई का खुलासा करें।

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि झूठ बोलने में मोदी देश के अन्य सभी नेताओं से आगे हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री को‘ लाई डिटेक्टर’ और‘ नार्को-एनालिसिस’ परीक्षण कराना चाहिए और कहना चाहिए कि उनका दोस्त उन लोगों में नहीं था, जिनका 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया था। भारद्वाज ने पूछा, ‘क्या वह करेंगे? सिसोदिया ने सीबीआई की नौ घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद सोमवार को दावा किया था कि उनसे ‘आप’ छोड़ भाजपा में जाने के लिए कहा गया।

सिसोदिया ने कहा, मुझ पर ‘आप’ छोड़ने का दबाव बनाया गया। मुझे दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई या फिर जेल जाने को कहा गया। हालांकि, सीबीआई ने सिसोदिया के आरोपों को खारिज कर दिया है। एक बयान में एजेंसी ने कहा, सीबीआई इन आरोपों का जोरदार खंडन करती है और दोहराती है कि प्राथमिकी में सिसोदिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों के अनुसार पेशेवर और कानूनी तरीके से उनसे पूछताछ की गई थी। कानून के अनुसार मामले की जांच जारी रहेगी।

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