अयोध्या: 37 हजार मनरेगा श्रमिकों की फीकी हुई दिवाली, रुदौली और मवई ब्लॉक के मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, रुदौली, अयोध्या। रुदौली और मवई ब्लॉक क्षेत्र के 152 ग्राम पंचायतों के 37 हजार मनरेगा श्रमिकों की दीवाली इस बार फीकी पड़ गई है। इन मजदूरों के खाते में पिछले छह अक्तूबर के बाद से मजदूरी नहीं पहुंची, जबकि हर 14 दिवस बाद मस्टररोल पूरा होने पर एमआईएस होते ही इनके खाते में …

अमृत विचार, रुदौली, अयोध्या। रुदौली और मवई ब्लॉक क्षेत्र के 152 ग्राम पंचायतों के 37 हजार मनरेगा श्रमिकों की दीवाली इस बार फीकी पड़ गई है। इन मजदूरों के खाते में पिछले छह अक्तूबर के बाद से मजदूरी नहीं पहुंची, जबकि हर 14 दिवस बाद मस्टररोल पूरा होने पर एमआईएस होते ही इनके खाते में मजदूरी पहुंच जाना चाहिए। दोनों ब्लॉक के बीडीओ भी इस पर कुछ बोल पाने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं।

रुदौली विकास खण्ड क्षेत्र में 97 ग्राम पंचायतें हैं तो मवई में 55 है। पिछले छह अक्तूबर के बाद इन लोगों ने 12-12 दिवस के हिसाब से पंचायतों में कराए जा रहे मनरेगा के कार्यों में फावड़ा चलाया है। दोनों ब्लॉकों में मिलाकर 37452 मैनडेज हुआ है। 213 रुपए दिहाड़ी के हिसाब से 79.96 लाख रुपए इन मजदूरों का बकाया है। दीवाली पर्व से पहले खाते में पैसे आने की आस लगाए इन श्रमिकों के चेहरे शुक्रवार को मुरझा गए। मनरेगा श्रमिक राम प्रसाद, राम सुरेश, हरिकरन व राज कुमार कहते हैं कि एक उम्मीद यही थी कि बच्चों संग दीवाली मनाएंगे, लेकिन अब पैसे की व्यवस्था कहां से होगी। बीडीओ अखिलेश कुमार गुप्त ने बताया कि एमआईएस हो गया था, खातों में पैसे भेजने की कार्रवाई शासन स्तर से होती है।

छह मिनट में खत्म हो गए 19 करोड़
मनरेगा के ब्लॉक स्तर पर एपीओ, कम्प्यूटर आपरेटर्स व पंचायतों में तैनात रोजगार सेवकों के मानदेय के लिए 19 करोड़ रुपए आए थे। इनमें प्रदेश भर में इन कर्मियों के मानदेय का भुगतान होना था, लेकिन भुगतान उन्हीं का हो पाया, जिनका एफटीओ तैयार था। ब्लॉक के अफसरों ने बताया कि मात्र छह मिनट में 19 करोड़ रुपए मानदेय में ट्रांसफर हो गए। रुदौली ब्लॉक में लगभग सभी का भुगतान हो गया, लेकिन मवई के कर्मी रह गए।

प्रधानों को भी इस दीवाली मिली मायूसी
रुदौली और मवई ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में मनरेगा से बीते दिनों में हुए विकास कार्यों की निर्माण सामग्री का भुगतान अब तक लटका है। एक आस थी कि दीवाली तक भुगतान हो जाएगा, लेकिन वह भी नहीं हो पाया। नरौली के ग्राम प्रधान बजरंगबली यादव, नेवादा के सुरेश कुमार निषाद, ललुवापुर के महेश कुमार का कहना है कि सरकार अमृत सरोवर और खेल मैदान जैसी परियोजनाओं का कार्य जल्द पूरा करने के लिए सख्ती कर रही थी, लेकिन अब जब कार्य पूरा भी हो गया तो सैकड़ों पंचायतों का भुगतान लटका है। रुदौली व मवई ब्लॉक मिलाकर ढाई करोड़ से अधिक रुपए निर्माण सामग्रियों के बकाया है

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