लखनऊ: पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सशस्त्र सीमा बल, सीमांत मुख्यालय लखनऊ के प्रांगण में शहीदों को किया नमन
अमृत विचार लखनऊ। सशस्त्र सीमा बल सीमांत मुख्यालय गोमती नगर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुरूआत आईजीर रत्न संजय ने की। इस दौरान उन्होंने उन सभी वीर सैनिकों को नमन किया जिन्होंने अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों को न्योछावर कर सर्वोच्च बलिदान दिया तथा उन सभी के परिवारों के …
अमृत विचार लखनऊ। सशस्त्र सीमा बल सीमांत मुख्यालय गोमती नगर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुरूआत आईजीर रत्न संजय ने की। इस दौरान उन्होंने उन सभी वीर सैनिकों को नमन किया जिन्होंने अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों को न्योछावर कर सर्वोच्च बलिदान दिया तथा उन सभी के परिवारों के प्रति अत्यंत आदर के साथ कृतज्ञता व्यक्त की।
आईजी रत्न संजय ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को चीन से लगी भारतीय सीमा की सुरक्षा एवं निगरानी हेतु उत्तर पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स नामक स्थान पर तैनात किये गए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तृतीय बटालियन के दस कार्मिकों ने बहादुरी के साथ दुश्मन सेना से लोहा लेते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान किया था, उन वीर जवानों के बलिदान के सम्मान में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को “पुलिस स्मृति दिवस” मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि बीते वर्ष दौरान सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद का सामना, नक्सलियों का सामना, कानून एवं व्यवस्था ड्यूटी, आपदा प्रबन्धन एवं विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान जनता के साथ खड़े होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए, ड्यूटी के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल एवं राज्य पुलिस के कुल 264 कार्मिकों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। जिसमें सशस्त्र सीमा बल के तीन कार्मिकों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शहादत प्राप्त की। शहीद होने वालों में मुख्य आरक्षी सामान्य मो. अशरफ, शहीद मुख्य आरक्षी सामान्य एम.डी. हुसैन, शहीद मुख्य आरक्षी सामान्य देव राज शामिल हैं।
आईजी ने बताया कि सीमांत लखनऊ के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 66 वी वाहिनी में शहीद मुख्य आरक्षी/सामान्य मोहम्मद हुसैन 2021 में 20 दिसंबर को डंडा नदी के किनारे ककरहवा घाट , जोगियाबाडी नाका ड्यूटी में बतौर नाका कमांडर तैनात थे । कुछ संदिग्ध गतिविधियों का संदेह होने पर उन्होंने नाका पार्टी को छुपकर इंतजार करने को कहा कुछ समय बाद नदी के पानी में पैरों की आहट सुनाई दी जिस पर पार्टी कमांडर द्वारा तस्करों को रोकने के लिए निर्देश दिया गया तस्करों को रोकने की कोशिश में मुख्य आरक्षी सामान्य मोहम्मद हुसैन डंडा नदी के चपेट में आ गए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया गया। इस मौके पर सीमांत मुख्यालय के उप महानिरीक्षक अभिषेक पाठक सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
