AICTE ने लिखित परीक्षा आयोजित करने संबंधी दिशा-निर्देश पर अमल करने को कहा

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नई दिल्ली। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने सभी तकनीकी संस्थानों एवं परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थानों से उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप निशक्त जनों के लिये लिखित परीक्षा आयोजित करने संबंधी दिशानिर्देश का अनुपालन करने के लिये सक्रियता से कदम उठाने को कहा है। ये भी पढ़ें- NEET UG 2022: नीट यूजी …

नई दिल्ली। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने सभी तकनीकी संस्थानों एवं परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थानों से उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप निशक्त जनों के लिये लिखित परीक्षा आयोजित करने संबंधी दिशानिर्देश का अनुपालन करने के लिये सक्रियता से कदम उठाने को कहा है।

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परिषद ने संस्थानों से शिक्षकों एवं छात्रों में इस दिशानिर्देश की जानकारी का प्रसार करने को कहा है। AICTE के परिपत्र में कहा गया है कि यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण होगा कि उच्चतम न्यायालय ने 11 फरवरी 2021 में विकास कुमार बनाम यूपीएससी एवं अन्य मामले में भारत सरकार को उपयुक्त दिशानिर्देश तैयार करने को कहा था जिसमें निशक्त जनों के लिये परीक्षा में लिखने वाले की सुविधा प्रदान करना एवं उनके नियमन की बात कही गई थी, जहां निशक्तता के कारण उम्मीदवार को लिखत परीक्षा देने में बाधा आती हो ।

परिषद ने कहा कि ये दिशानिर्देश ऐसे उपयुक्त मानदंड सुझाते हैं जहां उम्मीदवारों की स्थिति सक्षम चिकित्सा प्राधिकार द्वारा उचित रूप से प्रमाणित हो ताकि जरूरत वाले वास्तविक उम्मीदवारों को ही यह सुविधा मिल सके । इन दिशानिर्देशों को निशक्तजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 2 (एस) की परिभाषा के तहत विशिष्ठ निशक्तता वाले व्यक्तियों के लिये लिखित परीक्षा आयोजित करने संबंधी दिशानिर्देश कहा जा सकता है लेकिन यह धारा 2 (आर) के दायरे में नहीं जायेगा । इसमें कहा गया है कि ऐसे लोग जिन्हें लिखने में परेशानी होगी, उन्हें लिखने वाले और प्रतिपूरक समय की सुविधा दी जायेगी लेकिन इसके लिये प्रभावित व्यक्ति को लिखित में सूचित करना और प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।

उम्मीदवार अपने लिए लिखने वाले व्यक्ति को खुद चुन सकता है या परीक्षा निकाय से इसके लिये आग्रह कर सकता है। इसमें कहा गया है कि निशक्तता के दायरे में आने वाले उम्मीदवार के लिये लिखने वाला व्यक्ति प्रदान करने की स्थिति में परीक्षा निकाय को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी (लिखने वाले) योग्यता परीक्षा की न्यूनतम अर्हता से अधिक नहीं होनी चाहिए । दिशानिर्देश में कहा गया है कि ऐसे उम्मीदवारों को विभिन्न परीक्षा पत्रों खासकर भाषा संबंधी पत्रों के लिये अलग अलग लिखने वाले की सुविधा दी जानी चाहिए हालांकि प्रति विषय एक लिखने वाला दिया जा सकता है।

इसमें कहा गया है कि उम्मीदवारों को सहायक उपकरण, सुनने का यंत्र, कृत्रिम अंग का उपयोग करने की अनुमति दी जा सकती है। जो व्यक्ति अपने लिये परीक्षा में लिखने वाला लेने की पात्रता रखता है, उसके लिये प्रतिपूरक समय प्रति घंटा 20 मिनट से कम नहीं होना चाहिए ।

इसमें कहा गया है कि जहां तक संभव हो, ऐसे निशक्त जनों के लिये परीक्षा भूतल पर ही आयोजित की जानी चाहिए । परीक्षा केंद्रों पर निशक्तजनों की पहुंच सुगम होनी चाहिए । ये दिशानिर्देश केंद्रीय भर्ती एजेंसियों, अकादमिक संस्थानों द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा पर लागू होते हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश इन दिशानिर्देशों को अपना सकते हैं या इसके अनुरूप एकरूपता से दिशानिर्देश तैयार कर सकते हैं।

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