यूक्रेन की परमाणु एजेंसी ने रूस के ‘डर्टी बम’ के आरोप को नकारा

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कीव। यूक्रेन की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने रूस के इस दावे को खारिज किया कि वह रेडियोधर्मी उपकरण-तथाकथित ‘डर्टी बम’ के जरिए उसे उकसाने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेन ने कहा कि रूसी सेना अपने कब्जे वाले यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में गुप्त रूप से निर्माण कार्य कर रही है और …

कीव। यूक्रेन की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने रूस के इस दावे को खारिज किया कि वह रेडियोधर्मी उपकरण-तथाकथित ‘डर्टी बम’ के जरिए उसे उकसाने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेन ने कहा कि रूसी सेना अपने कब्जे वाले यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में गुप्त रूप से निर्माण कार्य कर रही है और अपनी उन गतिविधियों से ध्यान हटाने के लिए वह यूक्रेन पर आरोप लगा रही है।

रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने सप्ताहांत में अपने ब्रितानी, फ्रांसीसी, तुर्की और अमेरिकी समकक्षों को फोन कर यह दावा किया था कि यूक्रेन रेडियोधर्मी उपकरण-तथाकथित ‘डर्टी बम’ से हमला करने की तैयारी कर रूस को उकसाने की कोशिश कर रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने इसे “पूरी तरह झूठा” कहकर खारिज कर दिया। यूक्रेन ने रूस के दावे को खारिज किया और कहा कि यह ‘डर्टी बम’ का इस्तेमाल करने की रूस की खुद की योजना से ध्यान हटाने का प्रयास है।

इस बीच, अमेरिका की सरकार ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन में जारी युद्ध के कारण बढ़े हुए तनाव के बीच रूस ने सूचना दी है कि वह अपनी परमाणु क्षमताओं का नियमित अभ्यास करने का इरादा रखता है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस ने अमेरिका-रूस हथियार नियंत्रण समझौते की शर्तों का अनुपालन किया है जिसके तहत उसे भविष्य में होने वाले परीक्षणों के बारे में वाशिंगटन को सूचित करना होता है।

रूस नई ‘स्टार्ट’ संधि की शर्तों के तहत इस तरह की सूचनाएं नियमित तौर पर देता रहता है, ताकि सैन्य अभ्यास को वास्तविक शत्रुता समझने की गलती न हो, लेकिन यह सूचना ऐसे समय में दी गई है जब यूक्रेन में संघर्ष तेज हो गया है और दोनों पक्षों के बीच राजनयिक संपर्क काफी कम हो गया है। यूक्रेन की परमाणु एजेंसी ‘एनरगोएटम’ ने कहा कि रूसी सेना ने अपने कब्जे वाले यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में पिछले सप्ताह गुप्त रूप से कुछ कार्य किए।

‘एनरगोएटम’ ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि क्षेत्र पर कब्जा जमाए बैठे रूसी अधिकारी यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र में अपनी गतिविधियों को यूक्रेनी कर्मचारियों या संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी इकाई को देखने नहीं देंगे। ‘एनरगोएटम’ ने कहा, “इससे ऐसा लगता है कि परमाणु सामग्री और (संयंत्र) में रखे रेडियोधर्मी कचरे का उपयोग करके रूस किसी आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है।”

बयान के अनुसार, संयंत्र में इस्तेमाल हो चुके सूखे ईंधन के भंडारण केंद्र में 174 कंटेनर हैं, जिनमें से प्रत्येक में इस्तेमाल हो चुके परमाणु ईंधन की 24 ‘असेंबली’ (समूह) हैं। कंपनी ने कहा, “विस्फोट के परिणामस्वरूप इन कंटेनर के नष्ट होने से विकिरण दुर्घटना होगी और कई सौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैल जाएगा।” ‘एनरगोएटम’ ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से वहां क्या चल रहा है, यह पता लगाने को कहा है। ‘डर्टी बम’ से परमाणु बम जैसा भयावह विनाश नहीं होता, लेकिन इससे बड़े क्षेत्र में विकिरण प्रदूषण फैल जाता है।

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