आतंकवाद की चुनौती
एक नई विश्व व्यवस्था उभर रही है। नई व्यवस्था समग्र रूप से पूर्ववर्ती व्यवस्था की तुलना में बेहतर है लेकिन यह बहुत अधिक जटिल भी है। इसके मद्देनजर वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए अधिक सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। आतंकवाद अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है जिसका मानवता को सामना करना …
एक नई विश्व व्यवस्था उभर रही है। नई व्यवस्था समग्र रूप से पूर्ववर्ती व्यवस्था की तुलना में बेहतर है लेकिन यह बहुत अधिक जटिल भी है। इसके मद्देनजर वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए अधिक सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। आतंकवाद अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है जिसका मानवता को सामना करना पड़ रहा है। आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता है चाहें वह किसी भी स्थान पर और किसी के भी द्वारा अंजाम दिया जा रहा हो।
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आतंकवाद पर लगाम लगाने को लेकर रणनीति बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आतंकवाद निरोधक समिति की दो दिवसीय बैठक का आयोजन शुक्रवार व शनिवार को भारत में होने वाला है। सम्मेलन में इंटरनेट, नए ऑनलाइन भुगतान तंत्र और मानव रहित हवाई प्रणालियों का उपयोग करने वाले आतंकी समूहों से निपटने के तरीकों पर चर्चा होगी। भारत वर्तमान में सुरक्षा परिषद आतंकवाद विरोधी समिति का अध्यक्ष है। इस कारण यह भारत के लिए खास मानी जा रही है।
बैठक के जरिए जहां भारत में हो रही आतंकवादी गतिविधियों को विश्व पटल पर रखा जा सकेगा और भारत की समस्याएं विश्व के सामने आएंगी। ऐसे में इसे आतंकवाद के लिए खिलाफ भारत की जंग में अहम कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही यह बैठक इसलिए भी अहम है, क्योंकि भारत ने हमेशा से आतंकवाद पर विश्व समुदाय को आगाह किया है कि आतंकवाद से पूरी दुनिया को खतरा है।
आतंकवाद को वैश्विक घटना मानने के बावजूद आतंकवाद की अंतर्राष्ट्रीय रूप से स्वीकृत परिभाषा देने के लिए पूर्व में किए प्रयास व्यर्थ सिद्ध हुए हैं। दुनिया आतंकवाद और आतंकवादियों को लेकर दोहरे मानदंड न अपनाए।
विश्व समुदाय को आतंकी खतरे को अलग-अलग नजरिये से देखना बंद कर इस पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके दुनिया के अन्य हिस्सों में भी फैलने का उतना ही खतरा है। यह आयोजन बहुपक्षीय और बहुआयामी आतंकवाद विरोधी प्रयासों को और बढ़ाने और मजबूत करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। याद रहे सब मिलकर मजबूत बनते हैं। उम्मीद है कि भारत में होने वाली आतंकवाद विरोधी विशेष बैठक बहुपक्षीय प्रयासों को और मजबूत करेगी। अक्टूबर में आतंकवाद से निपटने के नए उपाय ढूंढने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों की विशेष बैठक भी होगी। भारत के प्रयासों से यह बैठक आतंकवादी गतिविधियों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल से निपटने में महत्वपूर्ण होगी।
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