मुरादाबाद: दरोगा का खेल, गोकशी में फेल तो तमंचे में भेजा जेल
मुरादाबाद, अमृत विचार। कानून से खेलने में दरोगा का कोई सानी नहीं है। सांप को रस्सी बनाने का हुनर तक बस इनके ही पास है। बिल्ली के भाग से टूटे छींके का भरपूर लाभ उठा रहे दरोगा इतने चतुर हैं कि उनकी चालबाजी व गोरखधंधे की भनक उच्चाधिकारियों तक को नहीं लग रही। गोकशों को …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कानून से खेलने में दरोगा का कोई सानी नहीं है। सांप को रस्सी बनाने का हुनर तक बस इनके ही पास है। बिल्ली के भाग से टूटे छींके का भरपूर लाभ उठा रहे दरोगा इतने चतुर हैं कि उनकी चालबाजी व गोरखधंधे की भनक उच्चाधिकारियों तक को नहीं लग रही। गोकशों को अभयदान देने वाले दरोगा जी इन दिनाें सुर्खियों में हैं।
बात विगत 20 अक्टूबर की है। गोकशी के लिए कुख्यात एक चौकी क्षेत्र की पुलिस को मुखबिर से पता चला कि कुछ लोग खेत में गोकशी कर रहे हैं। चौकी प्रभारी के अचानक लाइन हाजिर होने का लुत्फ महीनों से उठा रहे दरोगा ने मुखबिर की सूचना से खेलना शुरू किया। छापेमारी से पहले दरोगा ने गोकशों को जानबूझ कर घटनास्थल से भाग जाने का मौका दिया।
कुछ देर बाद अनमने अंदाज में हमराहों के साथ मौके पर पहुंचे दरोगा को घटना स्थल पर गोमांस मिला। गोकशी का साक्ष्य हाथ लगने के बाद दरोगा सांप को रस्सी बनाने के खेल में जुटे। गांव में सक्रिय मुखबिरों की मदद से दरोगा ने गोकशी में संलिप्त सभी आरोपियों के नाम का पता किया। 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की पहचान करने के बाद उन्होंने अपने स्रोत का मनमाफिक इस्तेमाल शुरू किया।
गोकशों को दो विकल्प मिले। पहला कि वह गोकशी में जेल जाने की तैयारी करें। दूसरा विकल्प दरोगा ने आर्म्स एक्ट का रखा। आर्म्स एक्ट में जेल जाने व गोकशी से मुक्त होने की सिर्फ डेढ़ लाख रुपये की शर्त रखी गई। दरोगा ने दो टूक कहा कि सभी आरोपी एकजुट होकर यदि डेढ़ लाख रुपये का प्रबंध कर लें, तो वह गोकशों को आर्म्स एक्ट में जेल भेजने को तैयार हैं।
दरोगा के प्रस्ताव को गोकशों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। बरामद गोमांस गांव के बाहर गड्ढे में दफन कर दिया गया। फिर गोकशी के दो दिन बाद थाने में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ। शातिर दरोगा थानेदार की आंख में धूल झोंकते हुए गोकशी की घटना को आर्म्स एक्ट में तब्दील करने में सफल रहे।
महिला चिकित्सक ने सिखाया दरोगा को कानून
शातिर दरोगा की करतूतों की फेहरिस्त लंबी है। पुलिस की रग-रग से वाकिफ एक क्षेत्रीय महिला चिकित्सक ने मौका पाते ही दरोगा को कानून का पाठ पढ़ा दिया। दरअसल गोकशी के मामले की लीपापोती करने में जुटे दरोगा बीते 29 सितंबर को पशु चिकित्सालय पहुंचे। वहां तैनात महिला चिकित्सक को उन्होंने मांस का लोथड़ा सौंपा। बताया कि मांस भैंस का है। उन्होंने सैंपल की जांच करने को कहा।
दरोगा के प्रस्ताव पर महिला चिकित्सक भड़क गई। महिला चिकित्सक ने भी दो टूक कहा कि वह अस्पताल में दरोगा के हाथ से सैंपल नहीं लेंगी। मौके पर जाकर परीक्षण करेंगी जहां पशु जहां दफन है, उस गड्ढे की खोदाई होगी। गड्ढे से निकले सैंपल की ही वह जांच करेंगी। डाक्टर की डिमांड व मंशा भांप दरोगा के होश फाख्ता हो गए। खेल पर पर्दा डाले रहने की मंशा में शातिर दरोगा ने महिला चिकित्सक को अंतत: मैनेजमेंट के जरिए अपने पाले में कर लिया। उच्चाधिकारियों के कृपापात्र बने दरोगा व रस्सी को सांप बनाने की उनकी कला संबंधित थाना क्षेत्र की सुर्खी बनी है।
ये भी पढ़ें:- देहरादून: अंकिता हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, तीनों आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट
