विकास दुबे मुठभेड़: याचिकाकर्ता ने सेवानिवृत्त जजों के नामों की सूची सौंपी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कानपुर के दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके गुर्गों की पुलिस-मुठभेड़ की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे एक याचिकाकर्ता ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में एक अर्जी सौंपी है। इस अर्जी में नये जांच आयोग में शामिल किये जा सकने वाले पूर्व न्यायाधीशों के नाम प्रस्तावित हैं। याचिकाकर्ताओं में …
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कानपुर के दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके गुर्गों की पुलिस-मुठभेड़ की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे एक याचिकाकर्ता ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में एक अर्जी सौंपी है। इस अर्जी में नये जांच आयोग में शामिल किये जा सकने वाले पूर्व न्यायाधीशों के नाम प्रस्तावित हैं।
याचिकाकर्ताओं में से एक घनश्याम उपाध्याय ने अपनी अर्जी में उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति आर.एम. लोढ़ा के अलावा हाल ही में ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश- न्यायमूर्ति आर. भानुमति, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता, न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति एफ.एम.आई. कलीफुल्ला, न्यायमूर्ति ए.के. पटनायक, न्यायमूर्ति के.पी.एस. राधाकृष्णन, न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन और न्यायमूर्ति एच.एल. गोखले के नाम भी दिये हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उक्त प्रस्तावित नामों में से किसी भी सेवानिवृत्त न्यायाधीश का नाम विकास दुबे एवं उसके गुर्गों की पुलिस-मुठभेड़ की जांच के लिए प्रस्तावित नये आयोग में जोड़ा जा सकता है।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग को पुनर्गठित करने के संकेत दिये थे। आयोेग में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश और एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को शामिल किया जाना है।
