रुद्रपुर: आरोप-प्रत्यारोप के बीच नगर निगम की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास
रुद्रपुर, अमृत विचार। नगर निगम बोर्ड की बैठक आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के साथ शुरू हुई। जिसके चलते बैठक से पहले ही जहां कांग्रेसी पार्षद भेदभाव का आरोप लगा रहे थे। तो वहीं सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कई पार्षद भी निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते दिखे। एक घंटा देरी से प्रारंभ हुई बैठक में …
रुद्रपुर, अमृत विचार। नगर निगम बोर्ड की बैठक आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के साथ शुरू हुई। जिसके चलते बैठक से पहले ही जहां कांग्रेसी पार्षद भेदभाव का आरोप लगा रहे थे। तो वहीं सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कई पार्षद भी निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते दिखे। एक घंटा देरी से प्रारंभ हुई बैठक में हंगामे के बीच 22 प्रस्ताव पारित किए गए, जबकि एक प्रस्ताव पर कमेटी बनाकर निर्णय लेने पर हामी भरी गई।
शनिवार की सुबह 11 बजे नगर निगम बोर्ड की बैठक का समय निर्धारित था, लेकिन पार्षदों के समय से नहीं पहुंचने पर सदन की कार्रवाई देर से प्रारंभ हुई। 12 बजे पार्षदों का कोरम पूरा हुआ। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़, मेयर रामपाल सिंह और सीडीओ एवं एमएनए विशाल मिश्रा की मौजूदगी में सदन की कार्रवाई प्रारंभ हुई। जैसे ही पहले प्रस्ताव को पढ़कर सुनाया गया। वैसे ही कांग्रेसी पार्षद खड़े होकर पिछली बैठक की प्रगति रिपोर्ट मांगने लगे। जिस पर मेयर ने जवाब दिया कि निगम के पास बजट का भारी अभाव है। ऐसे में डीएम द्वारा बजट नहीं आने तक प्रस्ताव लेने और निविदाएं कराने का आदेश दिया है। जैसे ही बजट आता है तो ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर जारी कर विकास कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे।
आरोप-प्रत्यारोप एवं हंगामे के साथ सदन में 22 प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। जबकि रामलीला प्रकरण में कमेटी बनाकर कार्य करने का प्रस्ताव पारित हुआ। इस मौके पर एसएफओ जुगत मोहन सक्सेना, एसएनए राजू नबियाल, प्रभारी अधिशासी अधिकारी गजेंद्र पाल, कर अधीक्षक लता आर्या, सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
बोर्ड की बैठक में ये प्रस्ताव हुए पारित
नगर निगम बोर्ड की बैठक में 23 प्रस्तावों में से 22 प्रस्ताव पारित किए गए, जबकि रामलीला मैदान को किराए पर दिए जाने के प्रकरण में पार्षदों की एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में नवनिर्मित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का एक वर्ष तक की अवधि तक का संचालन करने के लिए ई-निविदा के माध्यम से अनुबंधित करने, डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण के लिए पांच साल की अवधि के लिए ई-निविदा के माध्यम से फर्म को अनुबंधित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2022 को पुन: पारित करने, डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण के लिए जारी टेंडर के स्वतंत्र इंजीनियर रखने, उत्सर्जित होने वाले करंट वेस्ट के निदान के लिए नई निविदा होने तक लेजी वेस्ट का निदान करने के लिए फर्म को निर्धारित दरों पर कार्य करवाने, डॉग लाइसेंस की विधि बनाने, मेयर को निगम इलाके का निरीक्षण किए जाने के लिए वाहन मुहैया कराने, निगम के कार्यों के लिए एक बोलेरो, एक कैंटर वाहन किराए पर लेने, स्वच्छता मिशन से संबंधित एमआईएस व अन्य कार्य आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कराने के एजेंडा पर विचार कर पारित किए गए।
इसके अलावा होर्डिंग यूनिपोल विज्ञापन एवं गृहकर जमा करने पर अर्थदंड का प्रावधान सहित 22 प्रस्ताव पारित हुए। जिसमें रामलीला मैदान को किराए पर दिए जाने एवं किराए के लिए शुल्क प्रकरण में भाजपा एवं कांग्रेस पार्षदों की एक कमेटी बनाने पर विचार किया गया।
