अयोध्या: पूर्णिमा शुरू, लेकिन श्रद्धालुओं को स्नान-दान के लिए भोर होने का इंतजार, पुलिस प्रशासन अलर्ट
अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ राम नगरी में उमड़ने लगी है। सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर दोपहर से ही राम नगरी में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। सोमवार को दूसरी पहर पूर्णिमा तिथि शुरू हो गई लेकिन श्रद्धालुओं को स्नान दान और दर्शन पूजन के …
अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ राम नगरी में उमड़ने लगी है। सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर दोपहर से ही राम नगरी में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। सोमवार को दूसरी पहर पूर्णिमा तिथि शुरू हो गई लेकिन श्रद्धालुओं को स्नान दान और दर्शन पूजन के लिए अभी भोर होने का इंतजार है। चंद्रग्रहण को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन उपलब्ध कराने के लिए कवायद जारी है। मेला कंट्रोल रूम में ब्रीफिंग कर ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों को जरूरी हिदायत दी गई है।
सोमवार को दूसरी पहर 3:37 बजे कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि लग गई,जो मंगलवार को दूसरी पहर 3.33 बजे तक रहेगी। मंगलवार को ही चंद्रग्रहण भी लग रहा है। राम नगरी के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेले के अंतिम पड़ाव पूर्णिमा स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन कवायद में जुटा है। चंद्र ग्रहण और सूतक को लेकर प्रशासन की ओर से नागेश्वर नाथ मंदिर को भोर 4 के बजाए रात 1:30 बजे से खोलने की व्यवस्था कराई गई है।
साथ ही हनुमानगढ़ी को भी तय समय से पहले खुलवाने का प्रयास है। पूर्णिमा स्नान के लिए शाम से ही श्रद्धालुओं का जत्था रामनगरी पहुंचने लगा लेकिन पूर्णिमा तिथि लगने के बावजूद सरयू के घाटों पर इक्का-दुक्का लोग ही स्नान करते दिखे। माना जा रहा है कि श्रद्धा भोर में सरयू स्नान के बाद विभिन्न मठ मंदिरों में दर्शन पूजन करेंगे। हालांकि सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर ड्यूटी में लगाए गए मजिस्ट्रेट तथा पुलिसकर्मियों को मुस्तैद कर दिया गया है और सभी को अपनी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहने की हिदायत दी गई है।
यातायात और घाटों पर विशेष निगरानी
पूर्णिमा स्नान को लेकर मेला कंट्रोल रूम अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में आयोजित ब्रीफिंग में आला अधिकारियों ने यातायात और घाटों पर विशेष निगरानी का निर्देश दिया है। परिक्रमा मेले की तरह पूर्णिमा स्नान के दौरान मेला क्षेत्र में कम से कम ठेला लगने देने तथा सरयू के घाटों पर स्थापित अतिरिक्त चौकियों, पन्नी तथा त्रिपाल आदि को हटवाने तथा घाटों और मठ मंदिरों पर कराई गई बैरिकेडिंग को एक बार फिर से जांच परख कर पुख्ता कर लेने की हिदायत दी गई।
ब्रीफिंग में मंडलायुक्त नवदीप रिनवा, डीआईजी एपी सिंह, डीएम नीतीश कुमार, एसएसपी प्रशांत वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद डीएम और एसएसपी ने सरयू के घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया और गहरे पानी का चेतावनी बोर्ड लगाने, आवश्यकतानुसार जाली लगवाने आदि की हिदायत दी।
मोक्ष के बाद उमड़ सकती है भीड़
भले ही पूर्णिमा की तिथि लग गई है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि सरयू स्नान मंगलवार की भोर से शुरू होगा। भोर से ही सरयू के घाटों तथा मठ मंदिरों पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि राम नगरी पहुंचे श्रद्धालु चंद्र ग्रहण के पहले तथा मोक्ष लगने के बाद भी मोक्षदायिनी सरयू में स्नान दान और दर्शन पूजन करेंगे। अधिकारियों की ब्रीफिंग में साफ हिदायत दी गई है कि चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान के लिए उमड़ सकती है इसलिए सभी लोग पूरी तरह स्नान खत्म होने तक अपनी-अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे।
मेला अधिकारी एडीएम सिटी अनिल पटेल और सुरक्षा के नोडल अधिकारी मधुबन सिंह ने बताया कि पूर्णिमा स्नान को लेकर सुपर जोनल जोनल सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात हो गए हैं। रूट डायवर्जन लागू करा दिया गया है। चंद्रग्रहण के मद्देनजर ज्यादा समय तक श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन की सहूलियत हासिल हो सके इसके लिए नागेश्वरनाथ को रात 1:30 बजे खुलवाया जा रहा है। अन्य मंदिर प्रबंधकों से भी बातचीत जारी है। ब्रीफिंग कर ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों कर्मचारियों को जरूरी हिदायत दी गई है।
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