अयोध्या: 27 माह से बकाया है 842 शिक्षा प्रेरकों का साढ़े चार करोड़

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अयोध्या, अमृत विचार। ग्राम पंचायतों में खोले गए लोक शिक्षा केंद्रों पर कार्यरत प्रेरकों को मानदेय मिलने की उम्मीद जगी है। प्रेरकों का साढ़े चार करोड़ से अधिक मानदेय बीते 27 माह से बकाया चल रहा है। शासन से ब्लाकवार प्रेरकों के किए गए कार्यों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है। साक्षर भारत योजना के …

अयोध्या, अमृत विचार। ग्राम पंचायतों में खोले गए लोक शिक्षा केंद्रों पर कार्यरत प्रेरकों को मानदेय मिलने की उम्मीद जगी है। प्रेरकों का साढ़े चार करोड़ से अधिक मानदेय बीते 27 माह से बकाया चल रहा है। शासन से ब्लाकवार प्रेरकों के किए गए कार्यों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है।

साक्षर भारत योजना के अंतर्गत 2013 में 15 वर्ष से ऊपर के निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने को जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर लोक शिक्षा केंद्र खोले गए थे, इनमें लगभग 842 शिक्षा प्रेरक 11 ब्लाक समन्वयकों की नियुक्ति की गई थी। प्रेरकों को दो हजार व ब्लाक समन्वयकों को छह हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया गया था।

योजना के तहत प्रेरको व ब्लाक समन्वयको ने पूरी शिद्दत के साथ काम किया, लेकिन कुछ माह का वेतन दिए जाने के बाद मानदेय रोक दिया गया और 2018 में योजना बंद भी कर दी गई। इसके चलते किसी का 32 तो किसी का 27 माह का अभी भी मानदेय नहीं मिल सका है। अब चार साल बाद अब साक्षरता वैकल्पिक शिक्षा निदेशक एवं राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण सचिव ने बीएसए को पत्र के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि वह एक माह के अंदर प्रेरकों के कार्यों का सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया आदेश के तहत सत्यापन करा रिपोर्ट भेजी जायेगी।

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