चित्रकूट: खौफ में जीने को मजबूर हैं बिटिया के परिजन, मोबाइल चोरी के आरोप से क्षुब्ध होकर दी थी जान

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट। मोबाइल चोरी के आरोप से क्षुब्ध होकर जान देने वाली काजल के परिजनों को न्याय मिलना तो दूर, वे खौफ की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इनका आरोप है कि पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही। ये खुलेआम घूम रहे हैं और मामला वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। परेशानहाल परिजनों ने अब पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर कहा है कि अगर एक दिसंबर तक न्याय नहीं मिला तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे।

गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को मऊ थानांतर्गत औझर निवासी रमाशंकर पांडेय की बिटिया छाया अपनी छोटी बहन काजल के साथ खेत में थी। आरोप है कि तभी गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की। रमाशंकर का कहना है कि उसकी बेटी ने आत्मग्लानि की वजह से कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका कहना है कि बिटिया की मौत से उसका मानसिक संतुलन खो गया और थाने में उसने सादे कागज में हस्ताक्षर कर दिया।

पुलिस पर लगाया साठगांठ का आरोप
रमाशंकर का आरोप है कि पुलिस ने विपक्षी से साठगांठ कर बिना उसकी सहमति के मनमाने ढंग से एफआईआर दर्ज कर ली। आरोप लगाया कि अब ये लोग उसे असलहों के दम पर जान से मारने की फिराक में घूम रहे हैं। वह थाने से लेकर एसपी कार्यालय और लखनऊ, दिल्ली तक पत्र भेजकर गुहार लगा चुका है पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

आमरण अनशन करने की दी धमकी
रमाशंकर का कहना है कि आरोपियों की वजह से उसके परिवार का घर में रहना दूभर हो गया है। अगर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी न हुई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह सपरिवार सीएम कार्यालय लखनऊ के समक्ष आमरण अनशन को मजबूर होगा। उसने इस आशय के पत्र की प्रतिलिपियां एसपी के साथ महिला आयोग, सीएम कार्यालय, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, डीआईजी आदि को भी भेजी हैं।

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