पीलीभीत: बेटी से छेड़छाड़, मां की पिटाई, सिस्टम से हारी दलित महिला, नहीं हुई सुनवाई
दो बार एसपी से शिकायत करने के बाद भी नहीं मिल सका पीड़िता को न्याय
जहानाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित महिला ने पहले 10 नवंबर को एसपी के समक्ष पेश होकर शिकायत की थी।
पीलीभीत, अमृत विचार। अनुसूचित जाति की किशोरी से छेड़छाड़ और बचाने गई मां से मारपीट करने के मामले में सत्ता के एक बड़े नेता के दबाव में काम कर रही पुलिस के आगे अब पीड़िता की हिम्मत टूटने लगी है। उसे जिम्मेदारों से ही अपने परिवार को खतरा सताने लगा है। दो बार एसपी से शिकायत के बाद भी जब कोई सुनवाई न हुई तो अब महिला का कहना है कि उसकी बिटिया के साथ हुई अभद्रता पर शोहदे कम से कम मांफी तो मांग ले और उन्हें भविष्य के लिए परिवार की सुरक्षा की गारंटी ही अफसर दिलवा दें। पीड़ित महिला के कहे यह शब्द कहीं न कहीं सरकार के बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नारे पर ही प्रश्नचिह्न लगा गए हैं। मगर, सिस्टम पर इसका कोई असर अभी भी दिखाई नहीं दे रहा है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित महिला ने पहले 10 नवंबर को एसपी के समक्ष पेश होकर शिकायत की थी। उसका कहना था कि नौ नवंबर को एक नेताजी के रिश्तेदारों ने घर में घुसकर 16 वर्षीय बेटी से अश्लील हरकत करते हुए छेड़छाड़ और मारपीट की थी। उसे निर्वस्त्र कर दिया था। जब वह बचाने के लिए पहुंची तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इस शिकायत के बाद आरोप है कि जहानाबाद थाना और ललौरीखेड़ा पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी गांव पहुंचे और जबरन समझौतानामा लिखवा लिया था। शनिवार को शिकायत एसपी दफ्तर में लिखित रूप से की गई।
अमृत विचार की खबर #UttarPradesh #Pilibhit @pilibhitpolice @Diopilibhit1 @Dmpilibhit @Uppolice @dgpup @homeupgov @varungandhi80 @CMOfficeUP @UPGovt pic.twitter.com/rLlTS2AU2X
— Amrit Vichar (@AmritVichar) November 13, 2022
फूट-फूटकर रोते हुए महिला ने अपना दुखड़ा सुनाया, लेकिन उसके बाद भी अफसर लिखित समझौतानामा का हवाला देकर प्रकरण को टालने में जुटे रहे। ऐसे में पुलिस विभाग के हाकिम के यहां दो बार शिकायत करने के बाद भी जब कार्रवाई न हुई तो अब परिवार का डर अनुसूचित जाति की महिला को खतरा भी सताने लगा है। उसका कहना है कि जिस तरह से सरेआम उसकी बिटिया के साथ शोहदे ने अभद्रता की, उसके लिए कम से कम मांफी ही मंगवाई जाए। यह भी गारंटी मिले कि अब दोबारा उसके परिवार से कोई हरकत नहीं की जाएगी।
प्रकरण दो पक्षों में आपसी झगड़े का था, जिसमें दोनों पक्षों ने आपस में सुलह समझौता कर लिया है। अन्य किसी पुलिस कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है।
— Pilibhit Police (@pilibhitpolice) November 12, 2022
पीलीभीत पुलिस का जवाब- अब कार्रवाई की आवश्यकता नहीं
इस पूरे मामले में अगर महिला के आरोपों को देखा जाए तो पुलिस की कार्यशैली संदेहास्पद रही है। अफसर कार्रवाई से बचते नजर आए हैं। वहीं, थाना और चौकी पुलिस का रवैया फजीहत कराने जैसा रहा। इस मामले में अमृत विचार के ट्विटर हैंडल से ट्वीट की गई महिला की कहानी पर पीलीभीत पुलिस का अनूठा ही जवाब मिला है। पीलीभीत पुलिस की ओर से कहा गया है कि प्रकरण दो पक्षों में आपसी झगड़े का था।
जिसमें दोनों पक्षों ने आपस में सुलह समझौता कर लिया है। अन्य किसी पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। इस कथन पर महिला की ओर से की गई शिकायत तमाम सवाल खड़े करती है। यह मान भी लिया जाए कि किसी जगह को लेकर कहासुनी हुई भी थी। पुलिस सुलह की बात कर रही है, लेकिन पुलिस के गांव से जाने के चंद मिनट बाद ही महिला ने साफ कर दिया था कि उससे जबरदस्ती सुलह कराई गई है। इस आरोपों की लिखित शिकायत मिलने के बाद भी थाना जहानाबाद और ललौरीखेड़ा पुलिस की कार्यशैली की जांच कराने तक की जहमत अब तक अधिकारियों ने नहीं उठाई है।
ये भी पढ़ें : पीलीभीत: एसपी दफ्तर पर फूट-फूटकर रोई महिला, बोली- जहर खाऊं या फिर छोड़ दूं गांव
