भरोसे की साझेदारी...
भारत और अमेरिका के बीच भरोसे की साझेदारी है। यह साझेदारी गहरी और मजबूत है। दोनों देश दुनिया को आतंकवाद, कट्टरपंथी विचारधारा और गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से सुरक्षित बनाने में जुटे हैं। दोनों देशों के बीच कारोबार पहले ही सालाना 115 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और यह कई गुणा बढ़ने के लिए तैयार है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों और कृत्रिम बुद्धि जैसे क्षेत्रों सहित भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की स्थिति की इंडोनेशिया के बाली में समीक्षा की।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देश भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान घनिष्ठ समन्वय बनाए रखेंगे। समझा जाता है कि दोनों नेताओं ने जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर हुई बैठक में यूक्रेन विवाद और इसके प्रभावों पर भी बात की। सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन विवाद को सुलझाने के लिए ‘‘युद्धविराम और कूटनीति’’ के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया।
दोनों राजनेताओं ने क्वाड और आई 2 यू 2 जैसे नए समूहों में भारत और अमेरिका के बीच घनिष्ठ सहयोग के बारे में संतोष जताया। क्वाड में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं, आई 2 यू 2 के सदस्य भारत, इज़राइल, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात हैं।
भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की निंदा नहीं की है और यह कहता रहा है कि संकट को कूटनीति और बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। फरवरी में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ-साथ यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से कई बार बात की है।
सितंबर में समरकंद में पुतिन के साथ बैठक में मोदी ने संदेश दिया था कि ‘आज का युग युद्ध का नहीं है।’ गत 4 अक्टूबर को जेलेंस्की के साथ बातचीत में मोदी ने कहा कि भारत किसी भी शांति प्रयासों में योगदान देने के लिए तैयार है। दूसरे विश्व युद्ध ने कहर ढाया था। उसके बाद दुनिया ने शांति की राह पकड़ने का गंभीर प्रयत्न किया।
चुनौतियों के समाधान के लिए भारत व अमेरिका पहले से ही मिलकर काम कर रहे हैं। वास्तव में वैश्विक बाधाओं और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के मद्देनजर भारत और अमेरिका के बीच और सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। भारत और अमेरिका का गठजोड़ भारत-प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि को बढ़ावा देने में अहम हो सकता है। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक गठजोड़ सही मायने में भरोसे की एक साझेदारी है तथा यह मित्रता वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिये अच्छाई की ताकत के रूप में जारी रहेगी।
