लखनऊ : बसपा सुप्रीमो को रास नहीं आई बीजेपी की पसमांदा रणनीति
अमृत विचार, लखनऊ। तीन सीट में होने वाले उपचुनाव से पहले सभी पार्टी मुस्लिम वोट को अपने पाले में जोड़ने की कवायद कर रही है। वही भाजपा ने रामपुर और बरेली में पसमांदा सम्मेलन आयोजित किया था। इसके बाद सपा और अब बसपा का बयान आया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट के जरिए अपने बयान में भाजपा और आरएसएस पर तंज कसा है।
बता दें कि बसपा सुप्रीमो ने मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, "अपने केवल संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ की खातिर "पसमान्दा मुस्लिम समाज" का राग बीजेपी व आरएसएस का अब नया शिगुफा, जबकि मुस्लिम समाज पहले मुसलमान हैं और उनके प्रति इनकी सोच, नीयत, नीति एवं उनका ट्रैक रिकार्ड क्या व कैसा है यह किसी से भी छिपा नहीं।
बसपा सुप्रीमो ने अगले ट्वीट में लिखा है कि "बीजेपी की मुस्लिम समाज के प्रति निगेटिव सोच का परिणाम है कि इनकी सरकार में भी वे लगभग उतने ही गरीब, पिछड़े, त्रस्त एवं जान-माल-मजहब के मामलों में असुरक्षित हैं जितने वे कांग्रेसी राज में थे. मुस्लिम समाज का, दलितों की तरह पसमान्दा व उपेक्षित बने रहना अति-दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण।
मायवती ने कहा, "जबकि बसपा की प्रदेश में चार बार रही सरकार में सर्वसमाज के हित-कल्याण व सुरक्षा-सम्मान के साथ-साथ हमेशा उपेक्षित रहे दलित, पिछड़ा एवं अक्लियत समाज के लोगों के जान-माल-मजहब आदि की सुरक्षा तथा न्याय की गारण्टी यहाँ पहली बार कानून द्वारा कानून का राज स्थापित करके सुनिश्चित की गई."
