बरेली: दो माह बाद नगर निगम ने शुरू की मॉडल टाउन की रिफ्यूजी कॉलोनी की जांच

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Edited By Amrit Vichar
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अपर नगर आयुक्त ने मामले की जांच के लिए कालोनी के नक्शे की तलाश शुरू की

भू माफिया घोषित होने के बाद नगर निगम ने भी दो माह बाद माडल टाउन कालोनी की जांच शुरू कर दी है। समाधान दिवस में

बरेली, अमृत विचार। भू माफिया घोषित होने के बाद नगर निगम ने भी दो माह बाद माडल टाउन कालोनी की जांच शुरू कर दी है। समाधान दिवस में सितंबर में शिकायत दर्ज कराई गई थी। तब से निगम इस शिकायत को लेकर शांत बैठा था। अब शासन ने सख्ती दिखाई तो अपर नगर आयुक्त ने मामले की जांच के लिए कालोनी के नक्शे की तलाश शुरू की है।

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शिकायत में कहा गया था कि बरेली रिफ्यूजी कोआपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड द्वारा मॉडल टाउन कालोनी बनी है। इस कालोनी में कई अनियमितताएं हुई हैं। यहीं के निवासी अजय सूरी ने लखनऊ तक शिकायत की तो उसका असर हुआ है कि आवास विकास ने इस सोसाइटी के सचिव को बर्खास्त कर दिया, लेकिन अन्य अनियमितताएं अब भी हैं। सूरी ने नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स के सामने पेश होकर कहा कि नगर निगम की काफी भूमि को एक बिल्डर ने कब्जे में कर लिया है। बिल्डर ने कालोनी बनाई और भूमि को कालोनी के अंदर कर लिया है।

गाटा संख्या 157 के बाद भूमि को निगम का बताया गया था। कई हजार वर्गमीटर की यह भूमि बिल्डर के कब्जे में है। निगम अफसरों ने बताया कि इस भूमि पर हाईकोर्ट का कोस्टेट्स मेनटेन है। मामले की शिकायत हुई थी, जिसकी जांच अपर नगर आयुक्त तृतीय को सौंपी थी। अभी तक कछुआ गति से चल रही जांच ने उस समय गति पकड़ी जब भू माफिया की घोषणा हुई। भू माफिया भी इसी कालोनी में रहते हैं।

नगर निगम के अफसर अब रिफ्यूजी कालोनी का ले आउट तलाश रहे हैं। चर्चा है कि आवास विकास ने रिफ्यूजी को बसाने के लिए गठित आवास समिति ने समिति की भूमि पर आवास के बजाय व्यावसायिक भवन खड़े करा दिए। इनका ले आउट (नक्शा) भी स्वीकृत नहीं कराया। ले आउट में जिस जगह सड़क थी उसे भी बेच दिया गया।अभी कालोनी का नक्शा निगम को मिल नहीं पाया है।

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