हल्द्वानी: डीजीपी बोले नेपाल-चीन बार्डर की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी चौकसी
हल्द्वानी, अमृत विचार। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि नेपाल-चीन बार्डर की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में सजगता बढ़ाई जा रही है। इन जगहों पर पुलिस की विशेष नजर है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण कानून पर काम किया जा रहा है।
डीजीपी अशोक कुमार रविवार की सायं सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र काफी संवेदनशील है। इन जगहों पर अपराधों को रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। नेपाल सीमा पर वहां की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है।
कहा कि यूपी से आकर कुछ अपराधियों ने यहां घटनाएं की हैं। ऐसे में उत्तराखंड की पुलिस सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए उपलब्ध संसाधनों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने माना कि पुलिस में चार हजार स्टाफ की कमी है।
अभी दो हजार पदों पर भर्तियां की जा रही हैं। कहा कि पिछले छह सालों से पुलिस भर्ती नहीं हुई है। हर साल 30 से 40 पुलिस कर्मी सेवानिवृत हो रहे हैं। विभिन्न कारणों को मिला लें तो हर साल पुलिस में सौ लोगों की कमी हो रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री गंभीर हैं।
2023 में फिर से पुलिस में भर्तियां की जाएंगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। कहा कि उत्तराखंड में बढ़ रहे धर्मांतरण के मामले पर कैबिनेट की ओर से कानून पास किया गया है। इससे पूर्व धर्मांतरण को लेकर जितने भी मामले संज्ञान में आए हैं उनमें सख्त कार्रवाई की जा रही है।
धर्मांतरण को लेकर एलआईयू और पुलिस सख्त है। उन्होंने कहा कि राजस्व क्षेत्र में छह थाने 20 चौकियां नई खुली हैं। इससे भी अपराधों पर अंकुश लगेगा। इस दौरान डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी पंकज भट्ट, एसपी सिटी हरवंश सिंह, एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ भूपेंद्र धौनी, थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक आदि मौजूद रहे।
नियम विरुद्ध कार्य करने वालों पर होगी कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर 600 होटलों और रिर्जाटों की जांच की गई थी। आगे भी जांच जारी रहेगी। जो होटल और रिर्जाट स्वामी नियमों के तहत काम कर रहे हैं उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा। इससे पर्यटन व्यवसाय पर असर पड़ता है लेकिन जो नियम विरुद्ध कार्य करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
