फतेहपुर: धर्मांतरण मामले में शहर की चार शिक्षण संस्थाएं भी जांच की जद में, भेजी जाएगी नोटिस
फतेहपुर। जिले में धर्मांतरण के मामले को लेकर अब पुलिस की जांच शहर में संचालित चार शिक्षण संस्थाओं पर भी जा टिकी है। इन शिक्षण संस्थाओं को फंडिंग कहां से हो रही है। इनकी गतिविधियां क्या है। इसे लेकर पुलिस की जांच पड़ताल में शुरुआती दौर में एक शिक्षण संस्था की गतिविधियां संदग्धि मिली हैं। इस शिक्षण संस्थान में भी बवेले हो चुके है लेकिन मामले को रफा दफा कर दिया गया था। अब पुलिस नए सिरे से कवायद में जुट गई है। जिले में धर्मान्तरण की कहानी के हर मोड़ पर पुलिस की नजरें टिकी हुई है।
ईसाई मशीनरी की सक्रियता के बाद जिले में शुरू हुई धर्मांतरण की प्रक्रिया को लेकर अब पुलिस पूरे तरीके से एक्टिव हो गई है। शहर की ईसीआई चर्च से जुड़े धर्मांतरण के प्रकरणों को लेकर पुलिस की जांच पड़ताल लगातार जारी है। कोतवाली सदर में 14 अप्रैल को दर्ज हुए मुकदमे के बाद जिन नामों का खुलासा हुआ है। उनमें से तमाम नाम ऐसे हैं जो कहीं ना कहीं शिक्षण संस्थाओं एवं चर्च की प्रबंध समिति एवं मिशन अस्पताल से जुड़े हुए हैं।
वर्ल्ड विजन संस्था के पांच कर्मचारियों का नाम पुलिस अपनी जांच में पहले ही ला चुकी है। हालांकि इस संस्था में ताला लटक रहा है। यहां के कर्मयोगी लखनऊ के लिए कूच करचुक कर चुके हैं। पुलिस इनकी हर गतिविधियों पर जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है। सदर कोतवाली पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल में शहर की चार शिक्षण संस्थाओं को भी संज्ञान में लिया है। इन शिक्षण संस्थाओं को पुलिस नोटिस जारी करने की तैयारी में जुट गई है।
पुलिस सूत्रों की माने तो इन शिक्षण संस्थाओं की गतिविधियां संदिग्ध है और कहीं न कहीं इनकी धर्मांतरण की कड़ी जुड़ी हुई है। शहर में संचालित शिक्षण संस्थाओं में एक शिक्षण संस्था ऐसी है जिसकी संस्था तो ईसाई मशीनरी से संचालित है। हालांकि वहां के कर्मयोगी ज्यादातर सनातन धर्म से जुड़े हुए हैं। ऐसी संस्था की प्रबंध समिति के बारे में जांच पड़ताल शुरू हो चुकी है। ये चारों संस्थाएं सीबीएससी बोर्ड से संचालित है और छात्रों की संख्या भी पर्याप्त है। अब उनके दस्तावेज खंगालने शुरू हो गयी हैं।
पुलिस पिछले दिनों गिरफ्तार हुए ईसीआई चर्च के पादरी विजय मसीह और जानसन जैकब से पूछताछ के दौरान मिले तमाम पुख्ता सबूतों के बाद इस बात की भी जानकारी मिली थी कि सामाजिक कार्य में तल्लीन वल्र्ड विजन संस्था तो इस गतिविधियों में शामिल है। साथ ही शहर की शिक्षा संस्थाएं भी इनकी संरक्षण दाता बनी हुई हैं। यही वजह है कि लगातार जिले में सक्रिय ईसाई मशीनरी के करीब 700 एजेंटों का संपर्क भी इन शिक्षण संस्थाओं से रहा है।
फिलहाल यह एजेंट तो पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए पूरे तरीके से भूमिगत हो गए हैं लेकिन जांच पड़ताल के दौरान इन शिक्षण संस्थाओं के नाम उभरकर सामने आए हुए हैं। जिनको लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने शासन से अनुमति लेने के बाद जांच पड़ताल किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने कोतवाली पुलिस को साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि सभी संचालित इन शिक्षण संस्थाओं के बारे में पूरी तरीके से पता किया जाए। किस संस्था से शिक्षण संस्थाएं संचालित की जा रही हैं। उनमें फंडिंग की व्यवस्था क्या है।
इसके साथ-साथ यह भी देखा जाए कि आखिर इन संस्थाओं के द्वारा जो बच्चों को पठन-पाठन का कार्य कराया जा रहा है। उन पर क्या पारदर्शिता है। मानक क्या है। पुलिस के अधिकारियों ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि गत वर्षों में एक शिक्षण संस्था में कई बार ऐसे बबेले हो चुके हैं जो धर्मांतरण की कड़ी से जुड़े हुए हैं। हालांकि इन मामलों को उस समय किसी तरीके से रफा दफा किए जाने का प्रयास किया गया था लेकिन अब एक बार फिर से इनकी जांच पड़ताल होना बेहद जरूरी है। दिलचस्प बात यह है कि इन शिक्षण संस्थाओं की जांच पड़ताल में कहीं न कहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठेंगे।
जिन्होंने शिक्षण संस्थाओं को मान्यता प्रदान कर रखी है और बाकायदा इनको शिक्षण संस्थान संचालित किए जाने की अनुमति प्रदान कर रखी गई है। पुलिस का यह भी मानना है कि शिक्षण संस्थाओं में राष्ट्रीय कार्यक्रमों को भी अनदेखा किया जाता है। साथ ही बच्चों को प्रार्थना कराए जाने में ईसाई धर्म से संबंधित जानकारियां भी दी जाती है। जो पूरे तरीके से गैर कानूनी है। पुलिस इन शिक्षण संस्थाओं के मामले में अभिभावकों एवं बच्चों की भी बयान दर्ज करने का प्रयास करने में जुटी हुई है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मंत्री वीरेंद्र पांडेय ने आज फिर एक बार पुलिस को इस बात का अल्टीमेटम दिया है कि और इस जांच पड़ताल में लगातार लेट लपेट कर रही है। ऐसे में धर्मांतरण से जुड़ी संस्थाओं को मौका मिल रहा है।
बक्शे नही जाएंगे, हर गतिविधि पर नजर
धर्मांतरण को लेकर पुलिस की जांच पड़ताल लगातार जारी है। संदिग्ध लोगों की हर गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है। शिक्षण संस्थाओं को भी पुलिस ने जांच पड़ताल के दायरे में लिया है। ऐसे लोगों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। उनकी हर गतिविधियों को पर नजर है। शिक्षा संस्थाओं के मामले में पुलिस विभागों के बयान दर्ज करेगी और बच्चों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद इन शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ...अमित मिश्रा, कोतवाल, सदर।
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