रुद्रपुर: देश की आजादी में पंडित शुक्ल जैसे सेनानियों का अहम योगदान

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर पंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में अमृत महोत्सव समारोह का आयोजन हुआ। जिसका उद्घाटन राज्यपाल सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने किया। समारोह से पहले राज्यपाल ने डीडी चौक के समीप स्थित शुक्ल चौक पर पंडित शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।

मंगलवार को हुए अमृत महोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि देश की आजादी में पंडित शुक्ल जैसे क्रातिकारी सेनानियों की अहम भूमिका रही है। जिनकी देश भक्ति का ही परिणाम है कि देश आज अमृत महोत्सव मना रहा है। उन्होंने कहा देश की आजादी और तराई की स्थापना में पंडित शुक्ल के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। कहा कि आजादी का अमृतकाल चल रहा है, ऐसे समय में समारोह के माध्यम से महापुरुषों को याद करना चाहिए।

महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, समाज एवं देश के उत्थान एवं विकास में योगदान देने वाले व्यक्तियों को याद करने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ना चाहिए। आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाने वाले सेनानियों का स्मरण करना हम सबका कर्तव्य होना चाहिए। कहा कि 25 सालों का यह समय वैभवशाली और विकसित भारत का अमृत काल हमारे हर सपने महान और विशाल हों। इसकी प्रेरणा देता है। इस मौके पर जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, मेयर रामपाल सिंह, सीडीओ विशाल मिश्रा, एडीएम जय भारत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, भाजपा जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, भारत भूषण चुघ, दिनेश शुक्ला, मनीष शुक्ला आदि मौजूद रहे।

सेनानियों की कुर्बानियों को याद रखना जरुरी : धनसिंह
पंडित रामसुमेर शुक्ल की जयंती के मौके पर अमृत समारोह को सबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि 75वां अमृत महोत्सव जिस प्रकार देशभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वह हर देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। इसके लिए क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कुर्बानियों को याद रखने की जरुरत है। उन्होंने तराई के संस्थापक एवं सेनानी शुक्ल ने जिस प्रकार तमाम यातनाएं झेलकर भी राष्ट्रप्रेम नहीं छोड़ा और देश की आजादी में जीवन न्यौछावर कर दिया। ऐसे सेनानियों के पंथ पर चलकर राष्ट्र को तरक्की के पंथ पर अग्रसर कर सकते है।

सराहनीय कार्य करने वाले सात व्यक्ति हुए सम्मानित
समारोह के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने-अपने क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले सात व्यक्तियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया। इनमें कृषक चौधरी सतेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट, एएनएम दीपा जोशी, नानकमत्ता गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष डॉ. हरबंस सिंह चुघ, उद्योगपति वी. कुमार जिंदल, अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मनोज सरकार और वरिष्ठ सर्जन डॉ. अश्वनी चौबे को स्मृति चिह्न एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। 

पिता के सपनों को साकार करना बेटे का धर्म: शुक्ला
किच्छा के पूर्व विधायक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित रामसुमेर शुक्ल के पुत्र राजेश शुक्ला ने कहा कि पिता के सपनों को साकार करना बेटे का धर्म होता है। यहीं कारण है कि जिस प्रकार उनके पिता ने देश की आजादी से लेकर तराई को आबाद करने में सक्रिय भूमिका निभाई और हमेशा समाजसेवा में आगे रहे। उनके पंथ पर चलने का प्रयास किया जा रहा है। यही कारण है कि विधायक रहते हुए उन्होंने सड़कों, विद्यालयों और मेडिकल कालेजों का नाम पिता के नाम पर किए हैं। ताकि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना जाग्रत हो ।

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