आजम खां के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं योगी : जयंत

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Edited By Amrit Vichar
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सपा प्रत्याशी आसिम राजा के पक्ष में जनसभा करने पहुंते राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष, जैसे खतौली सीट चौधरी चरण सिंह और अजित सिंह के नाम से विख्यात, ठीक वैसे ही आजम खां के नाम से जानी जाती है रामपुर शहर की सीट

रामपुर, अमृत विचार। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस तरह से आजम खां के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं वह ठीक नहीं है। प्रदेश सरकार विकास के मुद्दे किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाना चाहती है। प्रशासन और पुलिस के बल पर चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने रामपुर के अवाम से अपील की है कि आसिम राजा को वोट देकर सरकार के रामपुर सीट कब्जाने के मंसूबे को ध्वस्त कर दें। 

जयंत चौधरी शनिवार को किले के मैदान में सपा प्रत्याशी आसिम राजा के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैसे खतौली सीट चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह के नाम से जानी जाती है उसी तरह रामपुर आजम खां के नाम से जानी जाती है, लेकिन योगी आदित्यनाथ आजम खां के पीछे हाथ धोकर पड़े गए हैं, जिसके बाद यहां पर बार-बार चुनाव कराया जा रहा है। किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि किसान आदोलन में बिलासपुर के रहने वाले एक युवा किसान की 26 जनवरी को जान चली गई थी। 

परिवार के लोग इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। हमारी सरकार होती, तो ऐसा नहीं होता। लखीमपुर नरसंहार के मुख्य गवाह को सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे, लेकिन पांच दिन पहले सुरक्षा हटा ली गई। लानत है ऐसी सरकार पर। उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर तक इस सीट पर विशेष निगाह रहेगी। पांच तारीख के बाद किसान परिवारों को न्याय दिलाने के लिए ईंट से ईट बजा देंगे, यहां पर इतने सुरक्षा कर्मी लगाए गए हैं हम तो कभी इतने सुरक्षा कर्मी लेकर नहीं चलते हैं। चौधरी अजीत सिंह और चौधरी चरण सिंह भी कभी सुरक्षा व्यवस्था लेकर नहीं चलते थे। यह सारे पुलिसकर्मी शायद आपकी सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। 

इनका कोई दोष नहीं है, किसान के घर में पैदा हुए हैं। किसान के बच्चों की यह हालत होती है कि मां की गोद में ही सीख जाता है कि हमको मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। जब वह बड़ा होता है तो उसको घर वाले बैठाकर समझाते हैं। किसान कभी लूट खसोट नहीं करता है। मैं अभी खतौली से होकर आ रहा हूं,वहां पर बहुत गर्मी थी यहां पर भी बहुत गर्मी हो रही है।

 कौन निकालेगा, ऐसी कोई ताकत नहीं जो आपकी गर्मी निकाल सके। इस मंच से उन किसानों को नमन करता हूं। जिन्होंने देश के लिए जान दी। वर्दी पर पूरा विश्वास है। जिस हालत में आप नौकरी करते हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार लाना है तो आपकी इज्जत करनी होगी। वर्दी के जो नियम हैं उनको कायम रखें, संविधान की शपथ ली, यह वो बहादुर लोग हैं जोकि कभी पीछते नहीं हटते हैं। लाठी मैने भी खा रखी है। प्रदेश संभल नहीं रहा बहुत झूठ बोल कर यहां पर तक पहुंच गए। 

‘सरकार ने किसानों से झूठे वादे किए’ 
जयंत बोले इन्होंने वायदा  किया था किसान के घर बिजली का बिल नहीं आएगा। अब किसान घर पर मीटर लग रहे हैं। प्रीपेड बिजली व्यवस्था होगी। पहले बिजली के लिए पैंसे देने होंगे। उसके बाद ही बिजली मिलेगी। सरकारी अस्पतालों में कोई व्यवस्था नहीं है। सरकारी स्कूलों की संपत्ति को सरकार बेंचने को तैयार है। निजीकरण के हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। सब लोग सहने करने के बाद यहां पर जुटे हैं। सात दिसंबर से संसद का सत्र शुरू हो रहा है, अगर यहां कोई गड़बड़ी हुई, तो लेकिन प्रधानमंत्री सदन में आते नहीं है। पहली बार घुसते समय उन्होंने वायदा किया था कि वह मंदिर का ख्याल रखूंगा। उसके बाद  नहीं आए। यहां के प्रत्याशी ऐसे हैं। जोकि  खड़े होकर लोगों को चुनाव आयोग के नियम बताकर वोट डालने के लिए कह रहे हैं। पांच तारीख को सपा को भारी मतों से विजयी बनाएं। इस मौके पर सपा नेता आजम खां, स्वार टांडा विधायक अब्दुल्ला आजम के अलावा वीरेंद्र गोयल, पालिका चेयरमैन फात्मा जबी के अलावा काफी लोग मौजूद रहे।

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