बरेली: इस साल का छोड़िए पिछले सत्र के भुगतान को तरस रहे गन्ना किसान
दो चीनी मिलों ने 74.14 के सापेक्ष 58.66 करोड़ का भुगतान किया, जिले में अब तक 60 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हो चुकी है
बरेली, अमृत विचार। गन्ना किसानों को 14 दिन में भुगतान करने के नियम हैं, लेकिन यह दावे हवा-हवाई साबित हो रहे है। जिले में पांच चीनी मिले हैं। चार में लगभग पेराई सत्र लगभग शुरू हुए एक महीना होने जा रहा है। मगर सिर्फ दो चीनी मिलों ने ही भुगतान देना शुरू किया है। इन दोनों चीनी मिलों ने भी सिर्फ 79.12 प्रतिशत भुगतान किया है।
ये भी पढ़ें - बरेली: सिटी मजिस्ट्रेट की दो टूक, अतिक्रमण से हुई दिक्कत तो नगर निगम और पुलिस जिम्मेदार
इस सत्र के साथ-साथ गन्ना किसान पिछले पेराई सत्र के भुगतान का भी इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही कई चीनी मिलों के क्रय केंद्रों पर गन्ना तौल नहीं होने की शिकायतें आ रही हैं। कई जगह पर्चियों को लेकर भी गन्ना किसान परेशान हैं। बरेली की पांचों चीनी मिलों मीरगंज, नवाबगंज, बहेड़ी, फरीदपुर व सेमीखेड़ा में पेराई सत्र शुरू हो चुका है।
जनपद में अब तक लगभग 60 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हो चुकी है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक 4.46 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन मिलों द्वारा किया जा चुका है। भुगतान की बात करें तो फरीदपुर व मीरगंज चीनी मिलों ने 74.14 करोड़ रुपये के सापेक्ष महज 58.66 करोड रुपये का भुगतान किया है। यानी इन दोनों चीनी मिलों द्वारा कुल मिलाकर 79.12 प्रतिशत भुगतान किया है।
जिसमें फरीदपुर ने 35.87 करोड़ रुपये और मीरगंज ने 22.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिलों ने इस साल किसानों से लिए गए गन्ने का एक रुपया भुगतान भी अभी तक नहीं किया है। बहेड़ी चीनी मिल पर 35.95 करोड़ रुपये और नवाबगंज पर 88 लाख रुपये बकाया है।
पिछले पेराई सत्र का 92.75 करोड़ रुपये बकाया : पिछले पेराई सत्र में कुल 1401 करोड़ के सापेक्ष 1308 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक हो पाया है। पूरे जिले में अब तक 92.75 करोड़ रुपये के गन्ने का भुगतान होना शेष है। बहेड़ी का 57.57 करोड़ रुपये नवाबगंज चीनी मिल का 35.18 करोड़ रुपये बकाया है। चूंकि इन दोनों मिलों का ही भुगतान काफी बचा है इसलिए नए खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी इन दोनों ही चीनी मिलों द्वारा नहीं किया गया है।
ये भी पढ़ें - बरेली: 31 साल बाद भूमि न होने का सीबीसीआईडी का दर्द का आया सामने
