Kanpur में फ्लू संक्रमण के बाद फेफड़ों पर फंगस का हमला, सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लगी मरीजों की भीड़
कानपुर के सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।
कानपुर में फ्लू संक्रमण के बाद फेफड़ों पर फंगस का हमला होने लगा है। इससे सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। सीओपीडी और दमा रोगियों की समस्या बढ़ गई है।
कानपुर, अमृत विचार। सर्दियों में फेफड़ों पर संक्रामक रोगों का हमला तेज हो गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों में निमोनिया, फ्लू और फंगस की समस्या से परेशान मरीज आने शुरू हो गए हैं। अत्याधिक गंभीर रोगियों को तुरंत भर्ती करने की नौबत आ रही है। दमा और सीओपीडी के मरीजों की हालत बिगड़ गई है। उनकी दवाओं का डोज बढ़ाई जा रही है।
हैलट अस्पताल, मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल, उर्सला अस्पताल में सर्दी, बुखार, वायरल, डायरिया, निमोनिया के काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। डेंगू के संभावित मामले कम हुए हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रो. जेएस कुशवाहा के मुताबिक तापमान कम होने से गले में संक्रमण, खराश, खांसी आने की समस्या में इजाफा हुआ है।
काफी संख्या में मरीजों को निमोनिया, फेफड़े में बलगम जमने की शिकायत हो रही है। कुछ मरीज बेहद खराब स्थिति में आ रहे हैं। उन्हें आईसीयू या एचडीयू में भर्ती करना पड़ रहा है। चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर चौधरी ने बताया कि फ्लू के कई मरीजों की तबियत बिगड़ी हुई मिल रही है। सामान्य मरीज तो हफ्ते भर के अंदर ठीक हो जा रहे हैं, जबकि तंबाकू और शराब के लती की हालत खराब हो जा रही है। कुछ के फेफड़ों में फंगस का संक्रमण की पुष्टि हुई है।
इमरजेंसी में 67 मरीज भर्ती
हैलट, उर्सला, कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी में वायरल, निमोनिया, गुर्दे में संक्रमण, सेप्टीसीमिया, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर भर्ती कराया गया। हैलट अस्पताल का मेडिसिन वार्ड पहले से ही फुल चल रहा है, जिसकी वजह से मरीजों को नेत्र रोग और सर्जरी विभाग में भर्ती किया जा रहा है। एचडीयू और आईसीयू में अत्याधिक गंभीर रोगियों का उपचार चल रहा है।
बाल रोग में एक बेड पर दो-दो मरीज
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग चिकित्सायल का हाल भी अच्छा नहीं है। यहां कानपुर समेत आसपास के जिलों के गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। कई बेड पर दो दो बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। सबसे अधिक समस्या सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न, छाती से आवाज आने की मिल रही है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत राव ने बताया कि बच्चों को ध्यान देने की जरूरत है। ठंड और प्रदूषण के चलते एलर्जी की दिक्कत भी बढ़ती जा रही है। सुबह और शाम के समय उन्हें पूरे कपड़े पहना कर रखें।
ब्रेन स्ट्रोक के पांच मरीज भर्ती
हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के पांच मरीज भर्ती किए गए हैं। इसमें एक बुजुर्ग महिला शामिल हैं। सभी को बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया है। घरवालों ने बताया कि अचानक ही गिर पड़े, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया।
