अयोध्या: हर माह मध्यान्ह भोजन के दस नमूनों की होगी जांच, खराब मिला तो प्रधानाध्यापक होंगे जिम्मेदार
अमृत विचार,अयोध्या। परिषदीय विद्यालयों में बनने वाले मध्यान्ह भोजन के दस नमूनों की जांच होगी। यदि खाने में गुणवत्ता कम मिलती है तो संबधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसकी गुणवत्ता की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में ब्लाक वार टीमों का गठन भी किया जाएगा।
बता दें कि जिले में 1792 परिषदीय विद्यालय हैं जहां प्रतिदिन मीनू के हिसाब से मध्यान्ह भोजन बनता है। कई बार अभिभावकों की ओर से भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत भी सामने आती है। जिसके चलते अब प्रत्येक माह दस स्कूलों के मध्यान्ह भोजन के नमूनों की जांच का लक्ष्य तय किया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि इसके संचालन के लिए मध्याहन भोजन प्राधिकरण ने एसओपी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर अभियान चलाया है। इसके तहत बच्चों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता पर विशेष नजर रहेगी।
उन्होंने बताया कि हर महीने जिले के दस स्कूलों की रसोई से नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला लखनऊ में जांच कराई जाएगी। विद्यालय स्तर पर भोजन चखने के लिए दिवस वार रोस्टर तैयार किया जाएगा और इसमें रोज भोजन चखने वाले व्यक्ति का नाम एवं पदनाम अंकित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय में डाइनिंग शेड उपलब्ध न होने की स्थिति में बच्चों को साफ-सुधरे स्थान पर उचित दूरी पर बैठाकर भोजन परोसा जाएगा।
