लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी में दिखी विलुप्त होती लोक कला और भारतीय संस्कृति की झलक
अमृत विचार लखनऊ । राजधानी में राज्य स्तरीय कला उत्सव 2022-23 का आयोजन आयोजन किया गया। इस कला उत्सव की खास बात ये थी कि इसमें लगातार विलुप्त हो रही कलाओं का रूप और भारतीय संस्कृति का मुखौटा देखने को मिला। रूचि खंड स्थित सेंट जोसेफ कॉलेज के नीरू स्मृति सभागार में आयोजित इस कला उत्सव का की शुरूआत माध्यमिक शिक्षा व राजकीय परियोजना निदेशक विशेष सचिव डॉ रूपेश कुमार ने की। डॉ रूपेश कुमार बातौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। वहीं कला उत्सव कार्यक्रम आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरोसा भरोसा लखनऊ की प्रवक्ता वंदना तिवारी की ओर से किया गया।
कला प्रदर्शनी को मुख्य रूप देने वाले बाल कलाकारों से मुख्य अतिथि ने बातचीत की और कहा इस कार्यक्रम का उद्देश्य माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानना और उनको अपनी विधा में पारंगत बनाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से शोध संवर्धन एवं विलुप्त होती हुई लोक कलाओं व विरासत को पोषित और संरक्षित किया जा सकता है।
उद्घाटन समारोह में विष्णु कांत पांडे (अपर राज्य परियोजना निदेशक ), सुरेंद्र कुमार तिवारी (संयुक्त शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल, लखनऊ), शांत्वना तिवारी (संयुक्त निदेशक, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान लखनऊ ),ओम प्रकाश मिश्रा शिक्षा (उप शिक्षा निदेशक, षष्ठ मंडल, लखनऊ), राकेश कुमार (जिला विद्यालय निरीक्षक, लखनऊ),प्रतिमा सिंह (सहायक निदेशक, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान लखनऊ), दिनेश कुमार सिंह राठौर (जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय लखनऊ), राजीव कुमार तिवारी (जिला समन्वयक, लखनऊ) एवं अन्य विभागीय सदस्य उपस्थित थे।
कला प्रदर्शनी का विशेष महात्व- शांत्वना
प्रदर्शनी के मौके पर संयुक्त निदेशक (रमसा) शांत्वना तिवारी ने कहा कि नृत्य, संगीत, नाटक तमाम तरह की कलाओं का अपना एक महात्व है। उन्होंने इस दौरान कला उत्सव की संक्षिप्त रूपरेखा भी बताई। उन्होंने कहा कि कला के सभी रूपों (नृत्य, संगीत, नाटक और दृश्य कलाओं) की 10 विधाओं में 18 मंडलों पर आयोजित प्रतियोगिता में विद्यालयों (सभी बोर्ड ) की 2645 बालक , 3056 बालिकाओं , 23 दिव्यांग और 2442 सपोर्टिंग टीचर व मेंटर सम्मिलित हुए । मंडलों में से प्रत्येक विद्या में प्रथम स्थान प्राप्त 271 विद्यार्थियों में से 223 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें 93 बालक व 130 बालिकाओं ने विविध विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रत्येक विधा में एक बालक एवं बालिका का चयन इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में किया गया । ये चयनित विजेता प्रतिभागी राष्ट्रीय कला उत्सव में प्रतिभाग करेंगे।इस वर्ष राष्ट्रीय कला उत्सव भुवनेश्वर, उड़ीसा में मनाया जा रहा है।
कला में इनका रहा बेहतर प्रदर्शन
दृश्य कला - द्वि आयामी
बालक - सागर कल्याण, सहारनपुर बालिका - आकांक्षा शर्मा, वाराणसी
नृत्य - शास्त्रीय
बालक - वंश धीमान, सहारनपुर
बालिका - अपूर्वा तिवारी, लखनऊ
नाटक - एकल अभिनय
बालक - जयकांत झा, मेरठ
बालिका - शांभवी टंडन, वाराणसी
स्थानीय खेल - खिलौने
बालक - अंकुर, मेरठ
बालिका - सानिया, मेरठ
संगीत - शास्त्रीय संगीत
बालक - व्योम, लखनऊ
बालिका - अर्चिता मौर्या, अयोध्या
वादन - अवनद्ध वाद्य
बालक - कृष्णा श्रीवास्तव, कानपुर
बालिका - दीपिका वर्मा, झांसी
वादन - स्वर वाद्य
बालक - शुभम, वाराणसी
बालिका - निदा, मेरठ
संगीत ( गायन) - पारंपरिक लोक
बालक - अभिनव कुमार , वाराणसी
बालिका - सियामनि, अयोध्या
नृत्य - पारंपरिक लोक
बालक - विजय कुमार, चित्रकूट धाम
बालिका - पायना, सहारनपुर
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