हल्द्वानी: हैड़ाखान में आया मलबा गौलापार में होगा डंप
हल्द्वानी, अमृत विचार। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने तकनीकी विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर हैड़ाखान मार्ग पर भूस्खलन से आए मलबे को गौलापार में वन विभाग की ओर से चिन्हित डंपिंग जोन में फेंकने के निर्देश दिए हैं। डीएम गर्ब्याल ने बताया कि एनएच-103 काठगोदाम-हैड़ाखान-साननी मार्ग बीती 14 नवंबर को भूस्खलन आने से बाधित हो गया था। तब से पोकलैंड से मलबा निस्तारण किया जा रहा है।
इसको लेकर बीआरओ, टीएचडीसी की तकनीकी विशेषज्ञों व भूवैज्ञानिकों ने इस मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि भूस्खलन के बाद आए मलबे का निस्तारण सड़क किनारे बने गड्ढे में किया जा रहा है, जिसका बाद में एक और स्लिप जोन बनने का खतरा है। तकनीकी विशेषज्ञों ने भूस्खलन एवं स्लिप जोन प्रभावित क्षेत्र में डंपिंग जोन नहीं होने से यहां निकले मलबे को अन्यत्र फेंके जाने का सुझाव दिया है।
डीएम गर्ब्याल ने तकनीकी विशेषज्ञों के आधार पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 में प्रदत्त शक्तियों को देखते हुए हल्द्वानी डीएफओ बाबूलाल को निर्देश दिया है कि एचएन-103 काठगोदाम-हैड़ाखान-साननी-सिमलिया बैंड मोटर मार्ग 3 हैमी स्थित स्लिप जोन से निकलने वाले मलबे को लोनिवि के साथ गौलापार में वन विभाग की ओर से चिन्हित किए अस्थाई डंपिंग जोन में फेंकने के लिए कहा है ताकि मार्ग पर सुरक्षा कार्य हो सके। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि डंपिंग जोन में रखे मलबे का निस्तारण कर रॉयल्टी राजकोष में जमा करने को कहा। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अस्थाई डम्पिंग जोन में रखे मलवे का निस्तारण होने तक मलवा सुरक्षित रहे।
