कानपुर की BIC मिल के मजदूरों के बकाया के भुगतान की मांग संसद में उठी
नई दिल्ली। संसद में आज मांग की गयी कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में ब्रिटिश इंडिया कॉटन (BIC) मिल के 650 कर्मचारियों के 40 माह पुराने वेतन का भुगतान कराने के लिए सरकार मदद करे।
कानपुर से निर्वाचित सदस्य सत्यदेव पचौरी ने नियम 377 के तहत यह मामला उठाया और कहा कि 2017 में नीति आयोग ने इस मिल को बंद करने का फैसला किया था लेकिन इसमें करीब 650 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
लेकिन उन्हें नियमित वेतन नहीं मिल रहा है और उनका बकाया बढ़कर 40 माह का हो गया है। पचौरी ने कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक दिक्कतों का मार्मिक विवरण साझा किया और मांग की कि सरकार अगले माह तक उनके बकाया के भुगतान करवाने में मदद करे।
भारतीय जनता पार्टी के दिलीप सैकिया ने पूर्वोत्तर के छत्रपति शिवाजी कहे जाने वाले लचित बारफूकन की जीवनी को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) और एनसीईआरटी की पुस्तकों में शामिल करने की मांग की। भाजपा के ही जगदंबिका पाल ने उत्तर प्रदेश के पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ के कारण फसलों के नुकसान एवं किसानों के मुआवजे का मुद्दा उठाया।
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