अप्रैल में 230 गीगावॉट की अधिकतम बिजली की मांग को पूरा करने को हरसंभव कदम उठाएंगे : सचिव 

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Edited By Amrit Vichar
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बिजली मंत्री आर के सिंह ने बुधवार को एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें अप्रैल, 2023 में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में केंद्रीय बिजली प्राधिकरण (सीईए) के चेयरपर्सन घनश्याम प्रसाद और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए।

नई दिल्ली। सरकार अगले साल अप्रैल में 230 गीगावॉट की एक दिन की अधिकतम बिजली की मांग को पूरा करने के लिए हरसंभव उपाय करेगी। बिजली सचिव आलोक कुमार ने यह बात कही है।

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बिजली मंत्री आर के सिंह ने बीते बुधवार को एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें अप्रैल, 2023 में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में केंद्रीय बिजली प्राधिकरण (सीईए) के चेयरपर्सन घनश्याम प्रसाद और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए। 

बैठक पर बिजली सचिव ने एक मीडिया एजेंसी से कहा कि सरकार दो चीजों पर काम करेगी। पहला यह कि बिजली उत्पादन क्षमता पर्याप्त रहे। इसके लिए कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने संयंत्रों का बेहतर तरीके से रखरखाव करें जिससे उस समय किसी तरह का मुद्दा पैदा नहीं हो। कुमार ने कहा कि अगले साल अप्रैल में बिजली की अधिकतम या व्यस्त समय की ऊंची मांग 230 गीगावॉट पर पहुंच सकती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अभी तक बिजली की अधिकतम मांग 26 अप्रैल, 2022 को 201.06 गीगावॉट की दर्ज की गई 

बैठक में जिस दूसरे पहलू पर विचार किया गया वह कोयले की आपूर्ति के संबंध में था। बैठक में इस बारे में कोयले का उत्पादन और आपूर्ति को जितना संभव हो बढ़ाने पर विचार किया गया। इस बारे में कोयला और रेल मंत्रालयों के साथ नियमित बैठकें की जाएंगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार कोयले के आयात पर भी विचार करेगी, अधिकारी ने कहा कि सरकार अगले साल अप्रैल में बिना बाधा के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। इससे पहले इसी साल बिजली मंत्री ने राज्यों की बिजली उत्पादक कंपनियों (जेनको) से कहा था कि वे मिश्रण के उद्देश्य से 10 प्रतिशत कोयले का आयात करें और रेल-सह-सड़क मार्ग से दिए जा रहे पूरे कोयले का उठाव करें। 

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