खटीमा: भाजपा नेता समेत तीन के अतिक्रमण पर चली जेसीबी, मचा हड़कंप

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

खटीमा, अमृत विचार। प्रशासन की सरकारी भूमि में अतिक्रमण हटाने की मुहिम में खटीमा में एक भाजपा नेता समेत तीन अन्य लोगों का निर्माण भी अतिक्रमण की जद में आने का मामला सामने आया।

अतिक्रमणकारियों को तीन सप्ताह में अतिक्रमण हटाने का नोटिस पूर्व में जारी किया जा चुका था।  नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण न हटने पर सोमवार को एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन दुकान व फाउंडेशन आदि के अतिक्रमण पर जेसीबी चलवा दी।

इससे मौके पर लोगों में हड़कंप मचा रहा। एसडीएम ने बताया कि रास्ते में दर्ज भूमि में अतिक्रमण पाया गया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट  के आदेश के अनुपालन में हटाया जा रहा है।
     

सोमवार को एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने 19 अक्टूबर को खेतलसंडा खाम निवासी भाजपा मंडल महामंत्री विनोद जोशी व ग्राम पिथौरागढ़ निवासी हर्षू ज्याला, खटीमा निवासी भीम सिंह को नोटिस जारी कर कहा है कि तहसीलदार की आख्यानुसार ग्राम मुंडेली के खाता संख्या 338 खसरा नंबर 246-2 रकबा 1.401 हेक्टेयर  एवं खाता नंबर 273-1 रकबा 0.127 हेक्टेयर कुल रकबा 1.528 हैक्टेयर भूमि जो कि वर्ग 6-2 रास्ते में माल अभिलेख दर्ज है। जो सर्वाजनिक प्रयोग की भूमि व उप्रजवि एवं भूव्य अधिनियम 1950 की धारा 132 से आच्छादित है।

जिसमें अतिक्रमण कर भवन व दुकान का निर्माण किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश 18 जनवरी 2011 जगपाल सिंह अन्य बनाम स्टेट आफ पंजाब के क्रम में एवं हाई कोर्ट उत्तराखंड नैनीताल के द्वारा पारित आदेश 13 जून 2018 कुंवरपाल बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन में नोटिस प्राप्ति के तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखना सुनिश्चित करें अन्यथा सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाए जाने की कार्यवाही अमल में लाई जाने का नोटिस दिया था।

इधर, तीन सप्ताह का समय पूरा होने पर सोमवार को एसडीएम बिष्ट ने तहसीलदार शुभांगिनी व राजस्व विभाग की टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलवा। कुछ हिस्सा तोड़ने के बाद सप्ताह भर का समय दिया। एसडीएम ने बताया कि भूमि रास्ते में दर्ज है।

कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की जा रही है। इधर, चर्चा रही कि उक्त भूमि को कई लोग क्रय व बेच चुके थे और आगे के हिस्से में दुकान व पीछे तक आवास के लिए कुछ प्लांट में फाउंडेशन भी किए गए हैं। जेसीबी के साथ प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ दस्ता पहुंचते ही हड़कंप मचा रहा।

संबंधित समाचार