स्कूल बस दुष्कर्म मामला : बस चालक को तिहरा आजीवन कारावास,आया को 20 साल की सजा
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक नामी निजी स्कूल बस में साढ़े तीन साल की एक मासूम छात्रा से दुष्कर्म के दोषी ठहराए गए बस चालक को राजधानी की एक अदालत ने तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना की दूसरी आरोपी बस की आया उर्मिला साहू को 20 साल की सजा हुई है।
लोक अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी हनुमत जाटव (32) को तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आया उर्मिला को 20 साल की कैद हुई है। भोपाल स्थित एक नामी निजी स्कूल की साढ़े तीन वर्ष की मासूम के साथ दुष्कृत्य के सनसनीखेज मामले में अदालत ने शनिवार को दोनों आरोपियों को दोषी पाया था। विशेष न्यायालय की न्यायाधीश शैलेजा गुप्ता ने इसी वर्ष सितंबर माह की इस घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को दोषी पाया।
स्कूल की साढ़े तीन वर्ष की छात्रा के साथ स्कूल बस में दुष्कर्म की घटना प्रकाश में आयी थी। इस मामले में बसचालक हनुमत जाटव (32) और उर्मिला साहू को आरोपी बनाया गया था।
अदालत ने शीघ्र ही मामले की सुनवायी कर दोनों को दोषी पाया। अभियोजन के अनुसार आठ सितंबर को दिन में बालिका स्कूल से घर स्कूल बस से पहुंची थी।
उसका स्कूल यूनीफार्म बदला हुआ होने पर माता पिता को शक हुआ और उन्होंने इस मामले की पड़ताल की। तब पता चला कि बालिका के साथ बसचालक ने बस में ही दुष्कर्म किया है।
इस कार्य में बस में मौजूद उर्मिला साहू ने मामले को दबाने का प्रयास किया। स्कूल संचालक से बस के वीडियो फुटेज भी मांगे गए, लेकिन परिजनों को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
मामला मीडिया में भी आया और अभिभावकों ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज करायी। इस मामले में पुलिस ने विशेष कार्य बल (एसआईटी) का गठन किया था।
एसआईटी ने इसकी शीघ्रता से जांच कर सबूत जुटाए और दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र पेश किया। इस मामले की विशेष लोक अभियोजक श्रीमती मनीषा पटेल रहीं।
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