हल्द्वानी: विरोध के बीच खुला आखिरी गेट, नहीं हुआ चुगान

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। एक प्रदेश-एक रॉयल्टी की मांग को लेकर गौला खनन से जुड़े वाहन स्वामियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को विरोध के बीच वन निगम के अधिकारियों ने आखिरी शीशमहल गौला गेट को भी खोल दिया। लेकिन कोई वाहन चुगान के लिए नदी में नहीं उतर पाया।

गौला खनन मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले वाहन स्वामी लंबे समय से एक समान रॉयल्टी, खनन वाहनों से जीपीएस हटाने, ग्रीन टैक्स के नाम पर उत्पीड़न बंद करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं हो पाई है। इससे समस्त वाहन स्वामियों में भारी रोष है। वन निगम ने गौला से खनन निकासी कार्य शुरू कराने के लिए लगभग सभी गेटों को खोल दिया है। लेकिन वाहनों के न चलने से अब तक किसी भी गेट से चुगान कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

मंगलवार को डीएलएम वाईके श्रीवास्तव ने आखिरी बचे शीशमहल गौला गेट का उद्घाटन किया। इसकी भनक जैसे ही वाहन स्वामियों को लगी तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर डीएलएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख डीएलएम ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन स्वामियों को बमुश्किल शांत कराया। इसके बाद वाहन स्वामियों की शीशमहल गेट पर सामूहिक बैठक हुई।

जिसमें सभी ने एक स्वर में मांग पूरी होने तक गेट नहीं चलने देने का निर्णय लिया। प्रदर्शन करने वालों में संयोजक रमेश जोशी, पम्मी सैफी, जीवन कबड़वाल, विक्की जोशी, पप्पू बृजवासी, रोहित शाह, योगेंद्र बिष्ट, विजय बिष्ट, राजकुमार यादव, हरीश भंडारी, नरेंद्र बगड़वाल, जीवन सिंह बोरा, सुरेश चंद जोशी, इंदर सिंह नयाल, हरीश सुयाल, भुवन दुर्गापाल, राजू चौबे, कमल बिष्ट, रमेश चंद जोशी, नरेंद्र उपाध्याय, नफीस अहमद, तारा कोरंगा, प्रमोद समेत कई वाहन स्वामी शामिल रहे।

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