मुरादाबाद : मौसम बदलते ही बढ़ी अति गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या, आवश्कतानुसार भेजा जाएगा एनआरसी
कुपोषण मुक्त करने के लिए चल रहा अभियान, एएनएम की निगरानी में रहेंगे बच्चे, सितंबर में सेम बच्चों की संख्या थी 3585, अब बढ़कर 3718
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम बदलते ही जिले में कुपोषण का प्रकोप बढ़ रहा है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के आंकड़े इसे प्रमाणित रहे हैं। तीन माह में अति गंभीर कुपोषित (सैम) श्रेणी में 133 बच्चे बढ़े हैं। विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एएनएम से सामंजस्य स्थापित कर बच्चों की देखरेख करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवश्यकता के अनुसार उन्हें एनआरसी में भर्ती कराया जाएगा।
जिले में 2770 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें बच्चों का वजन, लंबाई की जांच की जाती है। सितंबर में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 10113 थी। इसमें सैम श्रेणी के 3585 बच्चे थे। दिसंबर में दोबारा निगरानी की गई तो अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 9826 मिली। जबकि सैम बच्चों की संख्या बढ़कर 3718 हो गई है। इस पर गंभीरता व्यक्त करते हुए अधिकारी ने बच्चों की निगरानी बढ़ा दी है।
आवश्कतानुसार भेजा जाएगा एनआरसी
अधिकारी ने बताया कि यदि बच्चे की स्थिति ज्यादा खराब होती है तो जिला मुख्यालय पर बने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाता है। यहां बच्चे के पोषाहार के साथ ही तीमारदार के भोजन की भी व्यवस्था होती है, साथ ही 50 रुपये प्रतिदिन का भत्ता भी दिया जाता है। बच्चे को चिकित्सक एवं डायटीशियन की देखरेख में रखा जाता है। वह डाइट चार्ट के हिसाब से बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए काम करते हैं।
वर्तमान में सैम बच्चों की संख्या 3718 है। मौसम बदलने से इसमें थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एएनएम के सहयोग से बच्चों की देखरेख करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार सैम श्रेणी के बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाएगा। -डॉ. अनुपमा शांडिल्य, जिला कार्यक्रम अधिका
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