बाराबंकी: मशरूम उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किए गए किसान कृषि वैज्ञानिकों ने दी रोचक जानकारी

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Edited By Ankit Yadav
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अमृत विचार ,हैदरगढ़ बाराबंकी। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र पर किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ रिंकी चौहान ने बटन मशरूम, ओयस्टर मशरूम, दूधिया मशरूम की जानकारी दी। उन्होंने मशरूम के विविध औषधीय गुणों के साथ-साथ उत्पादन की तकनीक भी समझाई। इसके अलावा बटन मशरूम के लिए कंपोस्ट का वितरण भी किया गया।

डॉ रिंकी चौहान ने किसानों को बताया कि बटन मशरूम के उत्पादन हेतु सर्वप्रथम हमें कंपोस्ट बनाने के लिए गेहूं अथवा धान का भूसा, फ्यूराडान, फॉर्मलीन, बाविस्टीन, मैनकोज़ेब, नीम की खली, फॉर्मलीन चाहिए तथा केसिंग के लिए सड़ी गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट और मैनकोज़ेब, चूना चाहिए। अब इन सब चीजों का इस्तेमाल करके तैयार हुए कंपोस्ट का उपयोग करके धान की कटाई के बाद खाली हुए खेत में छप्पर बनाकर बांस की लकड़ियो के मदद से दो से तीन माड़ का छत बनाकर उस पर पॉलिथीन बिछा दें। पॉलिथीन के ऊपर तैयार हुआ कंपोस्ट डालकर मशरूम के बीज मिलाकर उसे ऊपर से पेपर से कवर कर सिंचाई कर दें।

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मशरूम उत्पादन करते समय नमी का खास ध्यान दें कि बहुत ज्यादा नमी न हो, सिंचाई उसी हिसाब से करें। एक से डेढ़ महीने बाद मशरूम तैयार हो जाएंगे। इस तैयार हुए मशरूम की तुड़ाई करके हम इसे मंडी में बेच कर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ शैलेश, डॉक्टर समीर पांडे, डॉ अश्वनी, अमन, डॉ रेनू भी मौजूद रहे।

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