हल्द्वानी: इंटरनेट पर सावधान, असावधानी पैदा कर सकती है परेशानी

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। ऐसी खबरें आए दिन सुनने-पढ़ने को मिलती रहती हैं कि मोबाइल पर आए किसी लिंक पर क्लिक करते ही संबंधित व्यक्ति का बैंक खाता खाली हो गया। साथ ही कई बार लोग साइबर गर्ल के मीठे झांसे में आकर अपना सब कुछ लुटा बैठते हैं। पुलिस ने साइबर अपराध की ऐसी ही घटनाओं के बचने के तरीके सीआरपीएफ के सिपाहियों, अधिकारियों और उनके परिवारों को बताए।  
 

सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र काठगोदाम में आयोजित इस जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साइबर सेल के पुलिस उपाधीक्षक नितिन लोहनी ने कहा कि साइबर अपराधियों से बचने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सावधानी और सतर्कता के साथ प्रयोग करना चाहिए। जिस प्रकार से अपराधियों द्वारा इंटरनेट मीडिया को साइबर क्राइम का एक सशक्त माध्यम बनाकर प्रयोग किया जा रहा है, उससे बचने के लिए न सिर्फ खुद जागरूक हों, बल्कि दूसरों को भी जागरूक करें। उन्होंने बताया कि सोशल साइट पर किसी भी अंजान व्यक्ति से दोस्ती न करें, फोन पर किसी से भी बैंक खाते से संबंधित अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
 

इस दौरान साइबर अपराध की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही नई तकनीकी भी साइबर सेल ने सीआरपीएफ के तकनीकी स्टाफ के साथ साझा की। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक सतीश कुमार लिण्डा, उप कमांडेंट डीबी यादव, एम. राममूर्ति, सहायक कमांडेंट तिलक राज, दिलबर सिंह आदि उपस्थित थे।


किसी भी संदिग्ध लिंक को क्लिक न करें
साइबर विशेषज्ञों ने बताया कि सोशल मीडिया या ई-मेल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करके व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। क्योंकि ऐसा करने से वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। साइबर अपराधी संदिग्ध लिंक का फायदा उठाकर लोगों के बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। सोशल साइट्स पर डाले गए किसी भी असत्यापित खाते में रकम जमा न कराएं। किसी भी खाते में रकम जमा कराने से पहले पूरी जांच कर लें और इसके लिए आधिकारिक लिंक का ही प्रयोग करें।

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