तीसरा चरण और सावधानी
कोरोना वायरस के खिलाफ लाकडाउन के बाद अनलाक की जो प्रक्रिया शुरू हुई थी उसका तीसरा चरण अब शुरू होने वाला है। केंद्र ने अनलाक-3 के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए ढील देने की घोषणा की है। यह सही है कि लाकडाउन अब कोरोना महामारी का समाधान नहीं है। यह तथ्य भी अब सामने आ …
कोरोना वायरस के खिलाफ लाकडाउन के बाद अनलाक की जो प्रक्रिया शुरू हुई थी उसका तीसरा चरण अब शुरू होने वाला है। केंद्र ने अनलाक-3 के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए ढील देने की घोषणा की है। यह सही है कि लाकडाउन अब कोरोना महामारी का समाधान नहीं है। यह तथ्य भी अब सामने आ रहा है कि कोरोना की मारक क्षमता कम हो रही है और कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़ी है साथ ही मृत्यु दर में भी कमी आई है।
राज्य सरकारों को भी अब महामारी नियंत्रण के साथ ही विकास व कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रयास तेजी से शुरू करने होंगे। प्रदेश में कोरोना पीड़ितों के लिए घरों व होटलों में आईसोलेशन की सुविधा है। एक ही घर में जब कोरोना पाजिटिव व अन्य परिवारीजन रह सकते हैं तो 100 मीटर क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन क्यों घोषित किया जाता है। सील किए जाने से उस क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियां रुक जाती हैं। अतिरिक्त पुलिस बल लगाना पड़ता है। ऐसे में कन्टेनमेंट जोन को फिर से परिभाषित किए जाने की जरूरत है।
कन्टेनमेंट जोन को केवल घर तक ही सीमित किया जाना चाहिए। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सभी व्यावसायिक गतिविधियां शुरु करा दी जानी चाहिएं। केवल मास्क पहनना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी हो। सरकारी व मुफ्त टेस्टिंग केवल कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की ही कराई जानी चाहिए। इससे सरकारी व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही घर-घर जाकर कान्टेक्ट ट्रेसिंग का काम भी बंद कर दिया जाना चाहिए। यह बात भी भूलने वाली नहीं है कि कोरोना के पिछले सप्ताह में जितने मामले बढ़े हैं, वह अपने आप में एक रिकार्ड हैं। लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, लिहाजा खुद का बचाव जरूरी है।
कोरोना वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में प्रयोग हो रहे हैं और काफी हद तक वैक्सीन बनाए जाने की दिशा में सफलता के भी दावे सामने आ रहे हैं। वैक्सीन आए, यह निश्चित ही कोरोना पर विजय होगी, मगर जब तक ऐसा नहीं है, खुद का बचाव ही कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय है। अनलाक के तीसरे चरण में लोगों को इस बात का ज्यादा ध्यान रखना होगा। लाकडाउन में ढील देने का यह आशय बिलकुल भी नहीं है कि कोरोना संक्रमण को लेकर लोग लापरवाह हो जाएं और परेशानी
और बढ़े।
