देहरादून: असहायों के हित में करें वर्दी, शस्त्र, अधिकार का सदुपयोग
देहरादून, अमृत विचार। हमारे पास कर्तव्य पालन हेतु तीन-तीन अधिकार हैं। हमें राज्य सरकार द्वारा वर्दी दी गई है। अपराधियों से लड़ने के लिए शस्त्र दिए गए हैं और हमारे पास कानून का अधिकार है, जिसके अन्तर्गत हम एफआईआर दर्ज कर सकते हैं, अपराधियों को गिरफ्तार कर सकते हैं। हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि हम इन तीनों अधिकारों का सदुपयोग पीड़ितों, गरीबों, असहायों के हित में करें। यह बात पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने शुक्रवार को राज्य पुलिस की समीक्षा बैठक में कही।
अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं अपराध नियंत्रण हेतु 1 दिसंबर 2022 से चलाए जा रहे विशेष अभियान की पाक्षिक समीक्षा करते हुए डीजीपी कुमार ने परिक्षेत्र एवं जनपद प्रभारियों को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने, प्रोफेशनल योग्यता बढ़ाने, जनहित में कार्य करने और विशेष अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
गैंगस्टर एक्ट में कम कार्यवाही क्यों
समीक्षा के दौरान डीजीपी ने गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत दर्ज सभी अभियोगों के अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को कुर्क करने में कम कार्यवाही होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने समस्त जनपद प्रभारियों को ऐसी सम्पत्तियों का शीघ्र चिन्हीकरण कर कार्यवाही बढ़ाने हेतु निर्देश दिए।
अपराधियों में हो पुलिस का खौफ
डीजीपी ने कहा कि अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों में पुलिस का खौफ हो और आम नागरिक पुलिस को देखकर खुद को सुरक्षित महसूस करें। अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में एसपी से लेकर थाना प्रभारी तक अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कार एवं कार्य में शिथिलता बरतने वालों व असफल रहने वालों पर कार्यवाही भी की जाएगी।
राज्य पुलिस को यह निर्देश
- इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें।
- वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी को दबिश बढ़ाएं, उन पर इनाम घोषित करें।
- 25 हजारी अभियुक्तों को सार्वजनिक करें। बार्डर जिलों/राज्यों के पुलिस थानों के साथ भी उनकी जानकारी साझा करें।
- दोनों रेंज डीआईजी राज्य के प्रत्येक थाने में एक महिला उपनिरीक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित करें।
- सोशल मीडिया पर असत्य और भ्रामक खबरें पोस्ट करने वालों पर कार्यवाही करें।
- स्कूलों से ड्रॉप हो रहे बच्चों को पुनः शिक्षा की ओर लाने में लगातार कार्य करें। एएचटीयू को सक्रिय रखें।
