रंग को धर्म से जोड़ना कतई उचित नहीं है: बसपा नेता दानिश अली
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लोकसभा सदस्य दानिश अली ने सोमवार को रंग के नाम पर धर्म को बांटने की कुछ लोगों की कोशिश पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सनातन और मुस्लिम धर्म इतने कमजोर नहीं है कि वे रंग को लेकर संकट में आ जाएं। अली ने लोकसभा में शून्य काल के दौरान कहा कि कुछ लोग रंग के नाम पर धर्म को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। सत्ता पक्ष के लोग शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण अभिनीत पठान फिल्म के गीत बेशर्म रंग को लेकर इसे प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं।
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उन्होंने मांग की कि जिस फिल्म को केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से प्रदर्शित करने की अनुमति मिल जाए, उस पर कोई विवाद न खड़ा किया जाए और उसे दर्शकों के सामने पेश किया जाए।
सनातन धर्म या इस्लाम इतना कमज़ोर नहीं है कि किसी अभिनेत्री के भगवा पहनने या @iamsrk के अभिनय से ख़तरे में पड़ जाये लेकिन रंगों के नाम पर देश को बांटने की नई बहस निश्चित रूप से हमारी एकता को नुक़सान पहुँचायेगी। फ़िल्म को पास करने या पाबंदी लगाने का काम सेंसर बोर्ड को करने दीजिये। pic.twitter.com/TKA7nU9oD4
— Kunwar Danish Ali (@KDanishAli) December 19, 2022
उन्होंने कहा कि रंग को धर्म से जोड़ना कतई उचित नहीं है। एक मौलाना का बयान भी इस फिल्म को लेकर आया है और वह भी इस फिल्म को प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं। इस तरह के बयान और मांगें उचित नहीं है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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