शाहजहांपुर: किसानों ने सैकड़ों लावारिस पशुओं को ब्लाक में बंद किया, शाम को छोड़ा

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर/जैतीपुर, अमृत विचार। लावारिस पशुओं की समस्या से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए मंगलवार को खेतिहर किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर सिंह चौहान ने सैंकड़ों पशुओं को ब्लाक परिसर में बंद कर दिया। साथ ही पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे ब्लॉक में अफरातफरी मच गई। पांच घंटे तक ब्लॉक परिसर में हंगामा होता रहा। बाद में एसडीएम कृष्णा राशि के समझाने पर किसान शांत हुए। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि आज पशुओं को ब्लाक परिसर से निकलवा दो, जल्द ही रणनीति बनाकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा और पशुओं को गोशाला में संरक्षण दिया जाएगा। 

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ब्लॉक कार्यालय में दोपहर करीब 12 बजे बीडीओ सीमा रानी अपने कक्ष में मौजूद थीं। अन्य कर्मचारी भी अपने-अपने काम में लगे हुए थे, इसी बीच करीब 12:15 बजे आवारा पशुओं का एक झुंड ब्लॉक परिसर में घुसा दिया गया। पीछे से गांव के कुछ लोग जानवरों को दौड़ाते हुए ब्लॉक की ओर ला रहे थे। यह सब देख बीडीओ और ब्लॉक में मौजूद कर्मचारी सकते में आ गए। वह लोग कुछ समझ पाते, तब तक दूसरे पशुओं का झुंड ब्लॉक परिसर में आ गया। अलग-अलग ग्रुपों में किसान पशुओं के झुंड लेकर ब्लॉक परिसर में आ रहे थे। 

इसके कुछ देर बाद खेतिहर किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर सिंह चौहान कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे, बीडीओ ने उनसे वार्ता कर पशुओं को ब्लॉक परिसर के बाहर ले जाने की बात कही, तो किसान नेता ने कहा कि यह नौबत इसलिए आई है, क्योंकि पशुओं से निजात दिलवाए जाने की मांग किसान बराबर करते चले आ रहे हैं, लेकिन आवारा पशुओं को गोशाला में भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। खुले में घूम रहे पशुओं से किसानों को अपनी फसल बचानी मुश्किल हो रही है।

किसान इतने गुस्से में थे कि उन्होंने बीडीओ कक्ष में भी जानवरों को घुसा दिया। वहीं किसान नेता सुधीर सिंह चौहान ने ब्लॉक परिसर में पांच सौ मीटर दूर रामलीला मैदान में किसानों की सभा बुलाई और शासन-प्रशासन के खिलाफ बयानबाजी करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की सूचना मिलते ही तिलहर से नायब तहसीलदार जैतीपुर पहुंचे और किसानों को मनाने की कोशिश की लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं थे। ब्लॉक परिसर में चारो ओर पशु ही पशु दिखाई दे रहे थे। किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा था। वहीं पुलिस बल भी मुस्तैद था। शाम करीब पांच बजे एसडीएम राशि कृष्णा जैतीपुर पहुंची और किसान नेता सुधीर सिंह से वार्ता कर उन्हें भरोसा दिया कि जल्द से जल्द किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलवाई जाएगी और पशुओं को गोशाला भेजा जाएगा। तब कहीं जाकर किसान शांत हुए। 

इन गांवों के किसान थे आक्रोशित 
आवारा पशुओं से परेशान गांव हवासपुर, जिगिनिया, गोरा, बकैनिया, जैतीपुर, कटाहा, मीरपुर, पीरी, सुरजूपुर, खमरिया, गौहापुर, बैसरा-बैसरी, बामिहाना भुडिया आदि गांव के किसान आक्रोशित थे। इन गांवों के किसान खेतों से दौड़ाते हुए पशुओं के झुंड ब्लॉक परिसर लेकर पहुंचे थे।

दौड़ रहे पशुओं के झुंड में फंसकर घायल हुए किसान
अलग-अलग गांव के किसान आवारा पशुओं को अलग-अलग झुंड में ब्लॉक कार्यालय की ओर दौड़ाए हुए ले जा रहे थे, इस दौरान कुछ किसान पशुओं के झुंड में फंसकर घायल हो गए। इनमें गांव गोरा बकैनिया निवासी 22 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार को ज्यादा चोटें आईं, उसका सिर फट गया। धर्मेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराकर मेडिकल कराया गया।

किसान नेताओं ने लावारिस पशुओं से कृषि उपज को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई है। गोवंशीय पशुओं को संरक्षण का आश्वासन दिया गया है, जिस पर किसान नेता और ग्रामीण सहमत हो गए हैं। पशुओं को गोशाला भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल सभी पशुओं को ब्लाक परिसर से बाहर करा दिया गया है।- राशी कृष्णा, एसडीएम-तिलहर।

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