बरेली: राशन कार्ड से वोट की आस... भावी प्रत्याशी सर्दी में बहा रहे पसीना

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

दावेदारों की निकाय चुनाव में नैया पार लगाएगा राशन कार्ड, वोटरों को लुभाने के लिए भावी प्रत्याशियों ने बनवाने शुरू किए कार्ड, जिलापूर्ति विभाग के पास हर दिन पहुंच रहे 50 से 100 आवेदन

बरेली, अमृत विचार, मोनिस खान ठंड बढ़ने के साथ नगरीय निकाय चुनाव का पारा भी तेजी से चढ़ रहा है। अधिसूचना जारी करने में भले ही अभी रोक लगी है, लेकिन चुनाव में भावी प्रत्याशियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बैनर पोस्टर के जरिए भावी प्रत्याशी खुद को कर्मठ, जुझारू व ईमानदार छवि का साबित करने में तुले हुए हैं।

वहीं दूसरी तरफ जमीन पर उतरकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने की जिम्मेदारी भी अपने सिर ओढ़े हुए हैं। चेलों से लेकर खुद भावी प्रत्याशी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर सर्दी में पसीना बहा रहे हैं, इनमें राशन कार्ड बनवाने की संख्या अधिक हुई है। नगर निगम से लेकर नगर पालिका क्षेत्र तक के दावेदार खुद कई आवेदनों एक साथ पूर्ति विभाग से जुड़े कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि जिस परिवार का राशन कार्ड बनवा देंगे तो वोट पक्का हो जाएगा।

जिला पूर्ति कार्यालय पर हर दिन एक दर्जन के आसपास आवेदन राशन कार्ड के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं पूर्ति विभाग के सभी तहसील कार्यालयों की बात करें तो यह आंकड़ा प्रतिदिन 50 से 100 तक पहुंच जाता है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद आचार संहिता लगते ही कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर भी रोक लग जाएगी। ऐसे में अधिसूचना जारी होने से पहले ही प्रत्याशी अपने पक्ष में दिखने वाले लोगों कार्ड बनवाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि प्रत्याशी और प्रत्याशियों के चेले अपात्र बताकर उनके क्षेत्र के मौजूदा कार्ड धारकों की सूची भी चुपके से अधिकारियों को थमा जाते हैं। दिए जाने वाले आवेदनों के नाम देखने से ही पता चलता है कि प्रत्याशी द्वारा वोटर को लुभाने के लिए जाति और धर्म का भी खास ख्याल रखा गया है।

यह और बात है कि जितनी मेहनत प्रत्याशी राशन कार्ड बनवाने में अब कर रहे हैं, इतनी ही मेहनत पूरे पांच साल की या नहीं, या फिर जिनके कार्ड वह बनवा रहे हैं वे उन्हें वोट देंगे भी या नहीं, अपने आप में सवाल हैं। विभाग के अधिकारी भी मान रहे हैं कि चुनाव के चलते राशन कार्ड संबंधी आवेदनों के आने का सिलसिला बढ़ा है। उनका कहना है कि कोई भी कार्ड बिना जांच के नहीं बनाया जा रहा है।

पूर्ति विभाग के कोटेदार भी चुनाव मैदान में: कई वार्डों में पूर्ति विभाग के कोटेदार भी चुनाव के मैदान में हैं। अपने कार्डों की संख्या के हिसाब से यह कोटेदार वोटों का गुणाभाग पहले ही किए बैठे हैं।

आरक्षण सूची जारी होने के बाद से ही पूर्ति विभाग के कोटेदारों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थीं। जिन कोटेदारों के पास राशन बंटने की तारीख पता करने के लिए कार्ड धारकों को चक्कर लगाने पड़ते थे। वही कोटेदार अब राशन बंटने की सूचना देने कार्ड धारकों के घर-घर जा रहे हैं।

बीते दिनों राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदनों में तेजी तो आई है, लेकिन बिना जांच कोई भी कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कार्ड बनाए जाएंगे। पिछले कुछ दिन से साइट में गड़बड़ी होने के कारण कार्ड बनने में भी दिक्कत आ रही है। -जिला पूर्ति अधिकारी, नीरज सिंह

ये भी पढ़ें - बरेली: जारी है कोहरे का कहर, रेल यात्रियों को ब्लाक भी दे रहा दर्द

संबंधित समाचार