सतर्कता और बचाव
दुनिया के कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों ने देश में भी चिंता बढ़ा दी है। चीन में बढ़ रहे कोरोना मामलों के लिए जिम्मेदार ओमीक्रोन के उपस्वरूप बीएफ.7 के तीन मामले भारत में भी सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि कोविड अभी समाप्त नहीं हुआ है और हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री ने देश में कोरोना महामारी की स्थिति और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सजग रहने, निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश में कोविड को लेकर जारी अलर्ट में कहा गया कि स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग जांच से लेकर उपचार तक की व्यवस्था शुरू करें।
एयरपोर्ट पर चौकसी बढ़ा दी जाए। संक्रमण प्रभावित देशों की यात्रा से लौटे लोगों की जांच कराई जाए। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जिनोम सीक्वेंसिंग कराई जाए। ताकि वायरस के वैरिएंट का पता लगाया जा सके। हालांकि चीन के मुकाबले भारत की स्थिति काफी बेहतर है क्योंकि हमारी टीकाकरण रणनीति सफल रही है।
देश में कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। समाप्त सप्ताह में औसत दैनिक मामले गिरकर 158 हो गए हैं। फिर भी इसे समझने की जरूरत है कि देश में ओमीक्रोन के उपस्वरूप बीएफ.7 के मामले मिलने के बाद अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता है। क्योंकि यह वायरस बेहद खतरनाक है और तेजी से फैल जाता है।
वायरस के घातक होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह इम्यून सिस्टम से भी बच निकलता है। चीन में बीएफ.7 के कारण जिस तरह कोरोना के मामले बढ़े हैं उसके पीछे पिछली लहर में चीनी आबादी में मजबूत इम्यूनिटी का नहीं बनना और संभवतः कमजोर टीकाकरण भी एक कारण हो सकता है।
जरूरत इस बात है कि उभरते वैरिएंट की सकारात्मक नमूनों के पूरे जीनोम अनुक्रम को ट्रैक करने के लिए तैयार करें। यह रणनीति देश में चल रहे नए वेरिएंट का समय पर पता लगाने में सक्षम होगी। इस बात को भी ध्यान में रखा जाए कि देश में सिर्फ 27-28 प्रतिशत लोगों ने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ बूस्टर खुराक ली है।
ऐसे में अन्य लोगों खासकर वरिष्ठ नागरिकों को बूस्टर खुराक ले लेनी चाहिए। जागरुकता से कोरोना को मात दी जा सकती है। सावधानी बरतकर कोविड के खतरों से हम स्वयं व दूसरों को बचा सकते हैं। भीड़-भाड़ में बिना जरूरत जाने से बचें। मास्क लगाकर ही बाहर निकलें। सतर्कता बरतें और सरकार व स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
