बरेली: बिना कोरोना की जांच कराए खुद को स्वस्थ नहीं मान रहे लोग
बरेली, अमृत विचार। स्वास्थ्य महकमे की नई गाइडलाइन के मुताबिक बिना जांच के ही अब लक्षण विहीन मरीज घर भेजे जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना मरीज खुद को पूर्णत: स्वस्थ नहीं मान रहे हैं। अपना डर निकालने के लिए कई मरीजों ने अस्पताल से निकलने के बाद दोबारा जांच कराई है। कुछ दिनों पहले …
बरेली, अमृत विचार। स्वास्थ्य महकमे की नई गाइडलाइन के मुताबिक बिना जांच के ही अब लक्षण विहीन मरीज घर भेजे जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना मरीज खुद को पूर्णत: स्वस्थ नहीं मान रहे हैं। अपना डर निकालने के लिए कई मरीजों ने अस्पताल से निकलने के बाद दोबारा जांच कराई है।
कुछ दिनों पहले अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने दस दिन पहले नई डिस्चार्ज पॉलिसी जारी की थी। जिसमें कहा था कि लक्षण विहीन रोगी को कोविड अस्पताल से बगैर जांच के ही छुट्टी दे दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग भले ही कोविड अस्पताल से बगैर जांच के इन्हें घर भेज रहा हो, लेकिन लक्षण विहीन रोगी अस्पताल से छूटकर सबसे पहले जांच कराने ही पहुंच जाते हैं।
पीलीभीत बाइपास रोड स्थित आजाद नगर निवासी 29 वर्षीय धर्मेंद्र गंगवार को कोविड अस्पताल से 22 जुलाई को डिस्चार्ज किया गया था, लेकिन बिना जांच के डिस्चार्ज होने पर उनके परिजनों को संशय बना हुआ है। परिजनों का संशय दूर करने के लिए उन्हें अपनी जांच कराने दोबारा अस्पताल जाना पड़ा।
ऐसा ही एक वाक्या पीलीभीत निवासी 15 वर्षीय शिवांश के साथ हुआ। शिवांश का उपचार शहर के एल-3 कोविड अस्पताल में चल रहा था। 28 जुलाई को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। ऐसे में उनके परिजनों ने शिवांश की दोबारा जांच कराई। निगेटिव आने के बाद ही वह उसे अपने घर ले गए।
डिस्चार्ज पॉलिसी के यह है नियम
– रोगी में किसी तरह के लक्षण न प्रदर्शित हो रहे हों
– डिस्चार्ज से पहले तीन दिन रोगी को बुखार न आया हो
– रोगी का ऑक्सीजन सैचुरेशन बिना सपोर्ट के 95 प्रतिशत या इससे अधिक हो
