शाहजहांपुर: मुमुक्षु आश्रम में तय की गई थी मंदिर निर्माण आंदोलन की रुप रेखा
शाहजहांपुर, कुमार सौरभ। अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर का शिलान्यास पांच अगस्त को होगा। यह शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि राम मंदिर निर्माण के आंदोलन की रुप रेखा शहर के मुमुक्षु आश्रम में तय की गई थी। जिसको मुजफ्फरनगर के हिन्दू सम्मेलन में धार दी गई। इसमें हिन्दू जागण मंच के …
शाहजहांपुर, कुमार सौरभ। अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर का शिलान्यास पांच अगस्त को होगा। यह शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि राम मंदिर निर्माण के आंदोलन की रुप रेखा शहर के मुमुक्षु आश्रम में तय की गई थी। जिसको मुजफ्फरनगर के हिन्दू सम्मेलन में धार दी गई।
इसमें हिन्दू जागण मंच के प्रांतीय संयोजक अमरोहा के दिनेश त्यागी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने ही कांग्रेस के तत्कालीन मंत्री दाऊ दयाल खन्ना की संघ के पदाधिकारियों के साथ गुप्त मीटिंग मुमुक्षु आश्रम में कराई थी। यहीं से हिन्दू सम्मेलन का तानाबाना बुना गया और फिर सम्मेलन में ही राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन किया गया।
राम मंदिर आंदोलन शुरुआत से पहले मंत्री दाऊ दयाल खन्ना बार बार बार हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय संयोजक से मिलने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन वह उनसे मिलने को इसलिए तैयार नहीं थे क्योंकि वह उनका पहले मंतव्य समझना चाहते थे। इस लिए उन्होंने मदन मोहन अग्रवाल को मंत्री खन्ना से मिलने भेजा।
उसके बाद खन्ना से विस्तार से राम जन्मभूमि अयोध्या, कृष्ण जन्मभूमि मथुरा तथा विश्वनाथ मंदिर वाराणसी की मुक्ति के संबंध में भारत सरकार के पत्राचार एवं चित्रों को समझा एवं इसके बाद दिनेश त्यागी द्वारा संघ के पदाधिकारियों से खन्ना की बैठक तय हुई। जिसका केंद्र बना था शाहजहांपुर का मुमुक्षु आश्रम। यहीं पर 1983 में मुजफ्फरनगर में हिन्दू सम्मेलन के ऐतिहासिक आयोजन की नींव रखी गई।
सम्मेलन में प्रख्यात कथावाचक विजय कौशल जो उस समय मुजफ्फरनगर के संघ के प्रचारक थे। मंच पर संघ के सह सरकार्यवाह प्रो. राजेंद्र सिंह, पूर्व गृहमंत्री गुलजारी लाल नन्दा, स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि, दाऊ दयाल खन्ना की उपस्थिती में राम जन्म भूमि अयोध्या, कृष्ण जन्मभूमि मथुरा तथा बाबा विश्वनाथ मंदिर काशी की मुक्ति का प्रश्न उठाया गया।
वहां सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ कि इस आंदोलन को संपूर्ण भारतवर्ष में बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा। राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ जिसका अध्यक्ष गोरखपुर के महंत अवैद्यनाथ व महामंत्री दाऊ दयाल खन्ना को बनाया गया। महंत अवैद्यनाथ के शिष्य योगी आदित्यनाथ मौजूदा समय प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उनके ही कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ।
अमरोहा के ब्लाक मंडी धनौरा के गांव तेली कपसुआ निवासी दिनेश त्यागी के पारिवारिक छोटे भाई एनसी त्यागी बताते हैं कि भैया जी सन् 1982 के दौर में शाहजहाँपुर आए थे। रात में मेरे घर पर ही रुके थे किन्तु वह इतने महत्वपूर्ण कार्य के लिए शाहजहाँपुर आए थे इसका उन्होंने आभास भी नहीं होने दिया।
भैया दिनेश स्वयं भौतिक विज्ञान से एमएससी थे। इसलिए हम दोनों के मध्य रात में कुछ भौतिक विज्ञान पर भी चर्चाएं हुईं थीं। रात के खाने में उन्होंने कहकर साग बनवाया था। मैं उस समय ओसीएफ इंटर कॉलेज में भौतिक विज्ञान का प्रवक्ता था इसलिए सुबह ही हम दोनों नाश्ता करके अपने अपने काम पर चले गए।
