लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में मनाया गया वीर बाल दिवस 

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार लखनऊ । बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ की आज़ादी का अमृत महोत्सव और एनसीसी 20 यूपी गर्ल्स बटालियन, 67 यूपी बटालियन के संयुक्त तत्वावधान में "वीर बाल दिवस" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए  आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रो.शिल्पी वर्मा, प्रो. बीएस भदौरिया, प्रो. नवीन अरोरा और डॉ. मनोज डडवाल ने वीर बाल दिवस पर अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम विवि के कुलपति आचार्य संजय सिंह के संरक्षण में आयोजित हुआ। आज़ादी का अमृत महोत्सव समिति की अध्यक्ष प्रो. शिल्पी वर्मा ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादे फतेह सिंह और जोरावर सिंह के जीवन और धर्म की रक्षा के लिए मौत को सहर्ष स्वीकारने की घटना के बारे में विस्तार से बताया। 

"चिड़िया नाल मैं बाज लड़ावा, गिदरां नु मैं शेर बनावा। 
सवा लाख से एक लड़ावा, ता मैं गोविंद नाम कहांवा।
इन पंक्तियों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए प्रो. नवीन कुमार अरोरा ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने अपने बच्चों का इस तरह पालन किया कि कम उम्र में ही उनके साहिबजादे मुग़ल सल्तनत के खिलाफ खड़े हुए और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, मगर धर्म परिवर्तन के लिए वे झुके नहीं। 

प्रो. बीएस भदौरिया ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस पर साहिबजादों के बलिदान से हमे प्रेरणा मिलती है कि हमें अपनी परेशानियों से डर कर अपना मार्ग बदलने की ज़रूरत नहीं है बल्कि दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। 

कार्यक्रम का संचालन एसोसिएट एनसीसी अधिकारी डॉ0 राजश्री ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन एसोसिएट एनसीसी अधिकारी डॉ0 मनोज डडवाल ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट, शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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