मुरादाबाद : जन्मजात विकार वाले बच्चों की मददगार बनी आरबीएसके टीम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद,अमृत विचार। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम जन्मजात विकार से ग्रसित बच्चों को नया जीवन देने में मददगार बनी है।  दिसंबर में आरबीएसके की टीम जन्मजात विकार से ग्रसित बच्चों की जिंदगी आसान बनाने में जुटी रही। इस महीने दो कटे होंठ और तालू, दो क्लब फुट और तीन बच्चों के कान की विकृति का इलाज किया गया। डिलारी ब्लॉक के नवादा गांव के जसवंत के डेढ़ माह के बेटे के पैरों में जन्म से टेढ़ापन है। आशा ने सरकारी अस्पताल में क्लबफुट क्लीनिक के बारे में जानकारी दी तो वह इलाज के लिए वहां ले गए। इलाज से बच्चे के पैरों में काफी सुधार हो गया है। इसी तरह बिलारी निवासी राज बाबू भी बच्चे के पैरों में टेढ़ेपन से परेशान थे। तीन महीने के बच्चे के पैरों का टेढ़ापन 70 फीसदी तक ठीक हो गया है। 

ये मामले बानगी भर हैं। दिसंबर में आरबीएसके टीम के प्रयासों से कॉसमॉस अस्पताल में एक बच्चे के कटे होंठ और एक बच्चे के तालू का भी ऑपरेशन हुआ है।आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ प्रवीण श्रीवास्तव  ने बताया कि जिले में टीम जन्मजात विकार वाले बच्चों को ठीक करने के काम में जुटी  है। हर माह औसतन दस से बीस जन्मजात विकार वाले बच्चे आते हैं।डीईआईसी मैनेजर सगीर अहमद बताते हैं कि जन्मजात विकार वाले बच्चों को आरबीएसके टीम, आशा, एएनएम या सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर की मदद से चिन्हित करते हैं। इसके बाद इन बच्चों के जन्मजात विकार को दूर करने का प्रयास करते हैं। अक्टूबर में भी तीन बच्चों के कान का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हुआ था।

अनुष्का फाउंडेशन के प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह क्लिनिक प्रत्येक शनिवार को संचालित होता है। क्लब फुट क्लिनिक जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में अनुष्का फाउंडेशन के द्वारा संचालित हैं।क्लब फुट का इलाज 3 चरणों में पूरा होता है। जिला अस्पताल में निशुल्क इलाज प्रदान किया जाता है। अब तक यहां पर मुरादाबाद सहित अमरोहा, सम्भल, बिजनौर, रामपुर आदि जिलों के 100 से अधिक बच्चों का निशुल्क इलाज हो चुका है।

ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : डाक विभाग के ऐतिहासिक खजाने का नगीना बनी यूपी की पुलिस अकादमी 

संबंधित समाचार