प्रभु श्रीराम की कृपा से ही देश में राजनीतिक परिवर्तन हुआ: संतोष गंगवार
बरेली, अमृत विचार। श्रीराम जन्म भूमि मंदिर के निर्माण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार श्रीराम मंदिर के शिलान्यास को लेकर बेहद खुश हैं। वह कहते हैं कि देश में राजनीतिक परिवर्तन प्रभु श्रीराम की ही देन है। देर से ही सही लेकिन भाजपा का यह सही कदम है। श्रीराम …
बरेली, अमृत विचार। श्रीराम जन्म भूमि मंदिर के निर्माण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार श्रीराम मंदिर के शिलान्यास को लेकर बेहद खुश हैं। वह कहते हैं कि देश में राजनीतिक परिवर्तन प्रभु श्रीराम की ही देन है। देर से ही सही लेकिन भाजपा का यह सही कदम है। श्रीराम मंदिर के शिलान्यास से लोग प्रसन्न हैं। सभी धर्मों की आस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। किसी को भी नाराजगी नहीं है।
रविवार को अमृत विचार से खास बातचीत में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि श्रीराम जन्म भूमि मंदिर को लेकर कई आंदोलन में शामिल रहा। शाहजहांपुर की जेल में बंद रहा। जेल कारसेवकों से भरी थी। हर व्यक्ति की आस्था से जुड़ा होने के कारण लोगों ने बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। मुझे याद हैं कि तब जेल में ही सभा लगती थी और कार सेवक ध्यानपूर्वक उदबोधन को सुनते थे। सभी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कोई भोजन बना रहा था तो अन्य कार्य करता था। श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हुआ करता था।
उस समय की सरकारों की दमनकारी नीतियों के कारण जिला प्रशासन के जिम्मेदार कार सेवकों को परेशान करते थे। पार्टी की सभी गतिविधियों में शामिल होने के कारण जिम्मेदार अफसरों की नजर भी मुझ पर रहती थी। 5 अगस्त को श्रीराम मंदिर का शिलान्यास होने जा रहा है। इसको लेकर मैं बेहद खुश हूं। ऐसा क्षण जिंदगी में देखने को मिला कि जिस श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए जेल जाना पड़ा था, आज वह आंदोलन अपने मुकाम को हासिल कर लिया है। हम तो कई बार विभिन्न जनहित के आंदोलन को लेकर जेल गए।
एक बार की बात बताते हुए संतोष गंगवार कहते हैं कि मेरी शादी मार्च में हुई थी और जुलाई में इमरजेंसी लागू हो गई। मेरी गिरफ्तारी हो गई और करीब एक साल तक जेल में रहा था। श्रीराम ज्योति, शिला पूजन गांव में घूमी थी। लोगों की आस्था देखने लायक थी। बरेली में श्रीराम जन्म भूमि मंदिर को लेकर कई बार बड़ी सभाएं हो चुकी हैं। रथ यात्रा में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विहिप के अशोक सिंघल और अन्य संतों के साथ संघर्ष का साथी रहा। बरेली के कार सेवकों ने श्रीराम जन्म भूमि मंदिर के निर्माण के लिए बड़ा योगदान दिया है। खाली पेट पैदल चलकर लोगों ने अयोध्या तक की यात्रा कर अपना योगदान दिया है। पूरे देशवासियों के लिए खुशी का दिन आ चुका है।
